‘जिहादियों के वोट के मोह में अंधे हो गए…’, अखिलेश यादव के दीपोत्सव वाले बयान पर भाजपा का पलटवार

UP-Azam-Khan-to-Akhilesh-Yadav

नई दिल्ली/लखनऊ : अयोध्या के दीपोत्सव समारोह पर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर रविवार को भाजपा ने उन पर तीखा पलटवार किया। भाजपा ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव मौलवादियों और जिहादियों के वोट के मोह में इतने अंधे हो गए हैं कि अब अपनी ही बिरादरी और संस्कृति के खिलाफ बोलने लगे हैं। पार्टी नेताओं ने इसे भारतीय परंपरा और सनातन संस्कृति का अपमान बताया।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर दीपोत्सव में दीयों और मोमबत्तियों पर भारी खर्च का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को यह देखना चाहिए कि दुनियाभर में क्रिसमस जैसे आयोजनों में किस तरह से शहरों को सजाया जाता है। अखिलेश के इस बयान के बाद भाजपा ने इसे हिंदू परंपरा और दीया बनाने वाले प्रजापति समुदाय पर हमला करार दिया।

भाजपा प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अखिलेश यादव जिहादियों और मौलवादियों के वोट के प्रेम में इतने अंधे हो गए हैं कि अब अपनी यादव बिरादरी के साथ-साथ प्रजापति समुदाय की रोजी-रोटी छीनने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दीप जलाना भारतीय संस्कृति में समरसता, श्रद्धा और प्रकाश का प्रतीक है, जिसे ‘घृणा की राजनीति’ के जरिए कलंकित करने का प्रयास हो रहा है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि अखिलेश का बयान विपक्षी INDIA गठबंधन की मानसिकता और हिंदू धर्म के प्रति नफरत को उजागर करता है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि “अखिलेश यादव जी, तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के लिए हिंदू आस्था का अपमान करना बंद करें।” उन्होंने कहा कि दीप प्रज्ज्वलन भारतीय संस्कृति की सदियों पुरानी परंपरा है, जो श्रद्धा और एकता का प्रतीक है। उन्होंने सपा प्रमुख पर प्रजापति समुदाय के रोजगार छीनने का ‘घृणित कार्य’ करने का आरोप लगाया और उनसे बयान वापस लेकर हिंदुओं से माफी मांगने की मांग की।

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अखिलेश यादव को ‘एंटी-सनातन’ बताते हुए कहा कि उनकी मानसिकता एक बार फिर उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख पहले भी हिंदू रीति-रिवाजों से छेड़छाड़ कर चुके हैं और अब त्योहारों पर टिप्पणी कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि अखिलेश यादव का यह रवैया न केवल हिंदू संस्कृति का अपमान है बल्कि यह समाज में विभाजन की राजनीति को बढ़ावा देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *