टोंक : राजस्थान के टोंक जिले में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस विभाग में कार्यरत एलडीसी कुलदीप नायक पर उसकी गर्भवती पत्नी मनीषा की दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। शादी को अभी छह महीने भी पूरे नहीं हुए थे, लेकिन इस बीच खुशियों का घर मातम में बदल गया।
छह महीने पहले हुई थी शादी, अब घर में मिली लाश : मृतका मनीषा की शादी 30 अप्रैल 2025 को टोंक पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अकाउंट ब्रांच में कार्यरत एलडीसी कुलदीप नायक से हुई थी। 1 मई को उसकी विदाई के बाद वह छावनी इलाके स्थित ससुराल में रहने लगी। 24 अक्तूबर की रात अचानक मनीषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर आई। ससुराल पक्ष ने शुरुआत में इसे सामान्य मौत बताने की कोशिश की, लेकिन जब परिजनों ने शव देखा तो उस पर गंभीर चोटों और नीले निशानों के स्पष्ट सबूत मिले।
परिजनों का आरोप- दहेज और शक ने ली जान : मृतका के पिता रमेश नायक ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही कुलदीप और उसके परिवार वाले मनीषा को कम दहेज लाने के लिए ताने देने और प्रताड़ित करने लगे थे। उन्होंने कहा कि हमने अपनी हैसियत के मुताबिक सब कुछ दिया था, लेकिन कुलदीप उसे मारता-पीटता था और अपनी पुलिस नौकरी की धौंस दिखाता था। वह मनीषा को परिवार से बात करने भी नहीं देता था। रमेश नायक ने यह भी बताया कि कुछ महीने पहले मनीषा ससुराल में झगड़े के बाद मायके लौट आई थी, लेकिन परिवार और समाज के दबाव में उसे समझाकर वापस भेज दिया गया। अब उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।
‘उसके शरीर पर चोटों के निशान थे’ : मनीषा की बहन पूजा टोंक में ही रहती हैं। उन्होंने बताया कि यह मौत किसी हादसे का परिणाम नहीं, बल्कि स्पष्ट हत्या है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद से ही मनीषा दुखी थी। उसका पति उस पर शक करता था। उसने उसके भाइयों के नंबर तक ब्लॉक करवा दिए थे। जब हम मिलने जाते थे, तो हमें तुरंत घर से निकल जाने को कह दिया जाता था। पूजा के अनुसार, जब उन्होंने बहन का शव देखा तो उसके पेट, जांघों और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे चोटों के निशान थे, जो इस बात का संकेत हैं कि मौत से पहले उसकी निर्दयता से पिटाई की गई थी।
FSL और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच : घटना की जानकारी मिलते ही टोंक डीएसपी राजेश विद्यार्थी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FSL (फोरेंसिक साइंस लैब) और MOU (मेडिकल आउटपुट यूनिट) टीम को बुलाया, ताकि वैज्ञानिक सबूत सुरक्षित रखे जा सकें। डीएसपी ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की ओर से हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पति सरकारी कर्मचारी है, इसलिए जांच पूरी पारदर्शिता से की जा रही है।
