नई दिल्ली : बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और मछलीपट्टनम के बीच तट से टकरा गया है जिस वजह से तटीय क्षेत्रों में सैकड़ों घरों और पेड़ों को काफी नुकसान पहुंचा। वहीं, हवाई और रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। दूसरी ओर अब चक्रवाती तूफान लगातार उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। ऐसे में चक्रवात की वजह से आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। तूफान का सबसे ज़्यादा असर आंध्र प्रदेश पर ही दिख रहा है। जिस समय चक्रवात तट से टकराया उस समय उसकी रफ़्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा थी ऐसे में लोगों से अभी घरों में ही रहने को कहा गया है। वहीं, राज्य सरकारें अलर्ट मोड पर हैं।
चक्रवात मोंथा पर ताजा अपडेट क्या है? : चक्रवात मोंथा के लैंडफॉल के बाद मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों में हल्की से भारी बारिश का अनुमान लगाया था। इसके मुताबिक, पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले में सबसे ज्यादा बारिश की उम्मीद थी। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि अभी तक आसमान में बादल छाए होने के बावजूद भारी बारिश नहीं हुई है। साइक्लोन से पश्चिम बंगाल में उतना नुकसान नहीं हुआ है जितना डर था। हालांकि, बारिश के अनुमान के चलते पूर्वी मिदनापुर जिले के दीघा में किसी भी टूरिस्ट को समुद्र में जाने की इजाज़त नहीं दी जा रही है।
बंगाल के इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी : मोंथा का खतरा पश्चिम बंगाल में भी है। 24 परगना, मेदिनीपुर, बीरभूम समेत कई जिलों में भारी बारिश और पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने 31 अक्टूबर तक दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
ओडिशा के 9 जिलों में स्कूल-आंगनबाड़ी 30 अक्टूबर तक बंद : ओडिशा में NDR, ODRAF की 140 रेस्क्यू टीमें, 5,000 से ज्यादा कर्मियों को तैनात किया गया है। 9 जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी 30 अक्टूबर तक बंद रहेंगे। वहीं सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
ओडिशा के कई जिलों में रेड अलर्ट : ओडिशा में भी चक्रवाती तूफान मोंथा का असर दिखने लगा है। समंदर में हलचल बढ़ने से ओडिशा के गोपालपुर बंदरगाह पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। लोगों को अपने घरों में ही रहने के लिए कहा गया है और कई जिलों में तूफान की वजह से रेड अलर्ट जारी किया गया है। मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगढ़ में गंजपति, गंजम, कालाहांडी और कंधमाल में तूफान से निपटने की फुल तैयारी है।
52 फ्लाइट्स और दक्षिण मध्य रेलवे जोन की कुल 120 ट्रेनें कैंसिल : चक्रवात के असर से बचने के लिए आंध्र सरकार ने 22 जिलों में 3,174 शेल्टर होम्स बनाए हैं तो दूसरी ओर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और तिरुपति एयरपोर्ट की 52 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं। दक्षिण मध्य रेलवे जोन की कुल 120 ट्रेनें कैंसिल की गई हैं। NDRF ने अपनी 25 टीमों को तैनात किया है। वहीं, 20 टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
रातभर सचिवालय में रहे CM चंद्रबाबू नायडू : हालात को देखते हुए आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू रातभर सचिवालय में रहे। उन्होंने आधी रात को तट पार करने वाले चक्रवात के मद्देनजर और अधिक सतर्क रहने की अपील की।
आंध्र प्रदेश में भारी तबाही : चक्रवात मोंथा की वजह से आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। तूफान का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश पर ही दिख रहा है। जिस समय ये चक्रवात, आंध्र प्रदेश के तट से टकराया उस समय उसकी रफ़्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इस दौरान रास्ते में जो आया होगा सब तिनके की तरह उड़ गया होगा। पेड़ गिर रहे हैं, घर ढह रहे हैं।
90-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा : आंध्र प्रदेश से लेकर ओडिशा तक सब अलर्ट मोड पर हैं क्योंकि चक्रवाती तूफान मोंथा आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और मछलीपट्टनम के बीच तट से टकरा गया और अब लगातार उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। 90 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। लोग घरों को छोड़ शेल्टर होम जा रहे हैं। रेस्क्यू के लिए कई टीमें तैनात हैं।
