आंध्र प्रदेश : वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़, 10 श्रद्धालुओं की मौत; राष्ट्रपति-PM मोदी ने जताया दुख

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अमरावती : आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार (01 नवंबर) को एकादशी पर भारी भक्तों की भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें दस श्रद्धालुओं जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।

भगदड़ के बाद भयावह वीडियो आए सामने : इस बीच मंदिर के अंदर से कई भयावह वीडियो सामने आई, जिसमें भगदड़ में बेहोश हुए लोगों को सीपीआर देने के लिए श्रद्धालु दौड़ते देखे गए। भगदड़ के वीडियो में लोग भीड़ में बेहोश हुए लोगों की मदद के लिए दौड़ते हुए दिखाई दिए। कुछ वीडियो में लोग एक-दूसरे को भीड़ से निकालकर उनकी मदद करते भी देखे गए।

राष्ट्रपति मुर्मू ने किया शोक व्यक्त : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में कई लोगों की जान जाना अत्यंत दुखद है। राष्ट्रपति ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

PM मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख की सहायता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना से अत्यंत व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायल श्रद्धालु जल्द स्वस्थ हों। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

अचानक भीड़ का दबाव बढ़ा और मची भगदड़ : विचलित करने वाले फुटेज में घायल लोगों को एम्बुलेंस में ले जाते हुए भी दिखाया गया है, ताकि उन्हें उपचार के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया जा सके।आंध्र प्रदेश के सीएमओ ने अपने बयान में बताया कि यह घटना उस समय हुई जब एकादशी के अवसर पर मंदिर में भारी भीड़ जमा थी। मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार के पास अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है।

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