कानपुर : यूपी के कानपुर में रायपुरवा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुरवा में आपसी सहमति से प्रेमी संग रह रही महिला की प्रेमी ने दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या के बाद शव तख्त के नीचे छिपा दिया। वारदात के बाद घर पर बाहर से ताला डालकर भाग निकला। शनिवार की सुबह घर से दुर्गंध आने की सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने ताला तोड़कर घर की तलाशी ली, तो तख्त के नीचे चादर से छिपाया गया महिला का अर्धनग्न शव मिला।
उसका मोबाइल फोन भी गायब था। पड़ोसियों ने आरोपी प्रेमी को 29 अक्टूबर की तड़के घर के बाहर बैठे देखा था। इसके बाद से घर पर ताला लटक रहा है। पुलिस ने हत्यारोपी प्रेमी की तलाश में टीम लगाई हैं। शक्कर मिल खलवा निवासी आशा देवी की बेटी भारती गौतम (35) आठ साल पहले रोहित उर्फ दिलीप कुमार उर्फ वाहिद के साथ चली गई थी। वाहिद नौबस्ता के मछरिया का रहने वाला है।
दोनों के रिश्तेदारी में जाने की आशंका थी : आशा की बहन उषा के पीरोड निवासी बेटे सोनू ने बताया कि सात महीने पहले आशा देवी की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद भारती, रोहित के साथ उन्हीं के बस्ती स्थित घर में रहने आ गई थी। पड़ोसी किशनलाल ने पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह से भारती के गेट पर ताला लगा हुआ था। दोनों के कहीं रिश्तेदारी में जाने की आशंका थी।
चादर से ढक कर छिपाया गया शव मिला : शनिवार सुबह से भारती के घर से तेज दुर्गंध आ रही थी। गेट से झांकने पर जीने पर खून बहता दिखा। पुलिस को सूचना दी गई। डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह, एसीपी सीसामऊ मंजय सिंह रायपुरवा थाना फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। ताला तोड़कर पुलिस अंदर दाखिल हुए, तो पहले कमरे में तखत के नीचे चादर से ढककर छिपाया गया भारती का शव मिला।
आरोपी की तलाश में जुटीं तीन टीमें : डीसीपी ने बताया कि महिला की हत्या गला घोंटकर की गई है। दोनों में आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद की जानकारी मिली है। मौके से एक वाहिद नाम का आधार कार्ड मिला है। जांच की जा रही है कि क्या रोहित ही वाहिद है। आरोपी की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं।
रोहित का वाहिद होना तो नहीं झगड़े की जड़ : पुलिस को जांच के दौरान कमरे से वाहिद के नाम का एक आधार कार्ड पड़ा मिला, जबकि मोहल्ले के लोगों को आरोपी प्रेमी की पहचान रोहित या दिलीप कुमार से ही है। ऐसे में मोहल्ले में चर्चा रही कि रोहित का वाहिद होना ही तो दोनों के बीच झगड़े की जड़ नहीं…।
असली नाम वाहिद है या नहीं : वहीं, कुछ लोगों ने भारती के परिजनों को इसकी पहले से जानकारी की बात कही। फिलहाल, पुलिस दोनों ही एंगल पर जांच कर रही है। डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी का असली नाम वाहिद है या नहीं इसकी जांच की जा रही है।
नहीं थे बच्चे, रोज होता था झगड़ा : भारती और रोहित के बीच आए दिन झगड़ा होता था। दोनों के बच्चे नहीं थे। बुधवार भोर जब वह घर के बाहर बैठा था तो पड़ोसी विकास ने उससे कारण पूछा। पड़ोसी के अनुसार उसने नींद न आने की बात कहकर टाल दिया। इसके बाद से उनके घर पर ताला लटका नजर आया।
नजीराबाद स्थित कब्रिस्तान में दफन करवाया : भारती के मौसेरे भाई सोनू ने बताया कि आशा देवी की पांच बेटियां थीं। बड़ी निशा लखनऊ में रहती हैं। फिर ऊषा, नीतू, ममता और भारती हैं। भारती को मिलाकर अब चारों की मौत हो चुकी है। वहीं, देर शाम सोनू ने भारती के शव को पोस्टमार्टम के बाद नजीराबाद स्थित कब्रिस्तान में दफन करवा दिया।
