बिहार : पूर्णिया में मातम का पहाड़, बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां ने तोड़ा दम

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पूर्णिया : पूर्णिया जिले में अमौर प्रखंड के धुरपैली पंचायत अंतर्गत धापटोला बागढर गांव में एक परिवार पर दर्द का ऐसा पहाड़ टूटा कि पूरे इलाके में मातम छा गया। लुधियाना में सड़क दुर्घटना में बेटे की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां को दिल का दौरा पड़ा और कुछ ही मिनटों में उनकी भी मृत्यु हो गई।

परिवार के मुखिया 65 वर्षीय शांति लाल विश्वास ने बताया कि उनका पुत्र प्रमोद विश्वास (35), जो पैर से दिव्यांग था, आठ महीने पहले बारह वर्षीय बेटे आशिक कुमार के साथ लुधियाना मजदूरी करने गया था। वह वहीं रहकर मेहनत-मजदूरी करता था और परिवार के खर्च के लिए पैसे भेजता था।

रविवार को काम खत्म कर साइकिल से कमरे की ओर लौटते समय सड़क पार करते हुए एक तेज रफ्तार वाहन ने प्रमोद को टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लुधियाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और वाहन जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

उधर, लुधियाना से सूचना गांव भेजी गई। उस समय मृतक की मां संतोलिया देवी गाँव के महर्षि मेंही ज्ञान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग में शामिल थीं। बच्चों ने जैसे ही उन्हें बेटे की मौत की खबर दी, वह बदहवास होकर घर की ओर दौड़ीं। लेकिन घर से कुछ दूरी पहले ही उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया और वे सड़क पर गिर पड़ीं। लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही मिनटों में उनकी भी मौत हो गई।

घर में प्रमोद की पत्नी माला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन साल की अनुष्का और आठ महीने की कोमल मां को बेसुध देखकर बिलख रही हैं। कुछ ही पल के अंतराल में बेटे और फिर मां की मौत से परिवार पर शोक का पहाड़ टूट पड़ा है।

घटना की जानकारी मिलते ही पंचायत प्रतिनिधि इकबाल खान उर्फ लालखान सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे। पंचायत प्रतिनिधि ने कहा कि पीड़ित परिवार को पंचायत स्तर पर मिलने वाली सभी सरकारी सहायता मुहैया कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से प्रवासी मजदूर की मौत पर मिलने वाली आर्थिक मदद शीघ्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

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