नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर संकट का सामना कर रही है. उड़ानों में लगातार देरी और अचानक कैंसिलेशन की बढ़ती शिकायतों के बीच नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने कंपनी को औपचारिक नोटिस जारी किया है. पिछले कुछ दिनों में कई प्रमुख रूट्स पर इंडिगो की उड़ानें या तो निर्धारित समय से काफी देर बाद रवाना हुईं या रास्ते में ही रद्द करनी पड़ीं. इसके कारण यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी कई लोग घंटों तक हवाई अड्डों पर फंसे रहे, वहीं कुछ को वैकल्पिक उड़ानें ढूंढने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
DGCA ने इंडिगो से इन व्यवधानों पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा है कि यात्रियों को सर्वोत्तम सेवाएं देना एयरलाइन की जिम्मेदारी है, और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जांच पूरी होने के आधार पर नियामक आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा. देश की विमानन नियामक संस्था DGCA ने इंडिगो एयरलाइंस को उसकी हाल की परिचालन अव्यवस्था को लेकर कड़ी फटकार लगाई है. DGCA के अनुसार, एयरलाइन अपनी टीम प्रबंधन और ऑपरेशनल तैयारी को समय पर दुरुस्त नहीं कर सकी, जिसके चलते उसका संपूर्ण सिस्टम लड़खड़ा गया और बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित हुईं.
एयरलाइंस से जवाब मिलने पर ही होगी अगली कार्रवाई : नियामक संस्था ने हालात की गंभीरता को देखते हुए एयरलाइन के शीर्ष नेतृत्व को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है. DGCA ने इंडिगो के सबसे वरिष्ठ अधिकारी से औपचारिक रूप से यह स्पष्ट करने को कहा है कि इतनी व्यापक गड़बड़ी आखिर कैसे पैदा हुई और यात्रियों को हुए असुविधाजनक हालात के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है. DGCA का कहना है कि एयरलाइन से विस्तृत जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें दंडात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं.
धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा विमान संचालन : इसके पहले कंपनी के अनुसार, उसने आज अपने कुल 138 में से 135 डेस्टिनेशन पर कनेक्टिविटी बहाल कर दी है और 1,500 से अधिक उड़ानें संचालित की हैं. एयरलाइन का कहना है कि संचालन धीरे-धीरे पूरी तरह पटरी पर लौट रहा है और जल्द ही सभी रूटों पर उड़ान सेवाएं सामान्य हो जाएंगी. हालांकि, यात्रियों की परेशानी अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. इंडिगो ऑपरेशनल चुनौतियों के चलते लगातार पांचवें दिन, यानी 6 दिसंबर को भी 850 से अधिक फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं कंपनी का कहना है कि स्थिति को स्थिर करने के लिए उसकी टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और अगले कुछ दिनों में सेवा पूरी क्षमता के साथ बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है.
