पीएम मोदी ने किया एक साल में छह देशों की यात्रा, अफ्रीका के साथ विकास व कूटनीति का नया युग

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नई दिल्ली : पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के मिशन अफ्रीका के तहत दोनों देशों के रिश्तों ने नई ऊंचाई को छुआ है। मोदी ने अफ्रीका को विदेश नीति की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि रखा है। खासकर गत एक वर्ष  में पीएम की निरंतर अफ्रीकी देशों की यात्राओं ने साफ किया है कि भारत अब इस महाद्वीप से सिर्फ व्यापारिक ही नहीं, गहरे रणनीतिक व भावनात्मक जुड़ाव की ओर बढ़ रहा है।

बीते एक वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी की अफ्रीकी यात्राएं भारत की वैश्विक दक्षिण की आवाज बनने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। पीएम मोदी पिछले साल नवंबर में नाइजीरिया गए थे। उनकी इस यात्रा से अफ्रीका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था संग रक्षा और व्यापारिक साझेदारी का नया अध्याय शुरू हुआ। इसके बाद इस साल मार्च में पीएम मोदी ने मॉरीशस की यात्रा की और समुद्री सुरक्षा व नीली अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने के साथ सांस्कृतिक जड़ों को और गहरा किया गया। जुलाई 2025 में घाना और नामीबिया की यात्रा में पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका में भारत की उपस्थिति दर्ज कराते हुए अक्षय ऊर्जा और शिक्षा क्षेत्र में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

इस साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के दौरे में पीएम मोदी ब्रिक्स और जी-20 के ढांचे के भीतर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती दी। अब इथियोपिया की यात्रा में पीएम मोदी ने पूर्वी अफ्रीका के साथ सुरक्षा और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोले हैं।

ओमान में गार्ड ऑफ ऑनर : ओमान पहुंचने पर ओमान के रक्षा मामलों के उप प्रधानमंत्री सैय्यद शिहाब बिन तारिक अल सईद ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। खाड़ी देश की यह उनकी दूसरी यात्रा है और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।

स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक ओमानी प्रस्तुति दी। वहीं, भारतीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें राजस्थान का घूमर, गुजराती गीत, शास्त्रीय नृत्य और कर्नाटक का लोक नृत्य शामिल था। प्रवासी समुदाय ने मोदी के नाम के नारे और उनकी उपस्थिति का जश्न मनाया।

डिजिटल इंडिया से मुरीद बना रहा भारत : पीएम मोदी की रणनीतिक साझेदारी के पीछे स्पष्ट दृष्टिकोण हैं। भारत अपनी डिजिटल इंडिया और यूपीआई जैसी सफल तकनीकों को अफ्रीकी देशों के साथ साझा कर रहा है। भारत ने जी-20 में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई, जिसने अफ्रीका का भरोसा जीता है।

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