माघी पूर्णिमा@2026 : आज पहले गंगा स्नान के लिए काशी में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़, बढ़ाई गई सुरक्षा

Maghi-purnima@2026-Kashi

वाराणसी : माघ मेले के तहत शनिवार को पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए लोगों के काशी पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इसे लेकर कैंट रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। प्लेटफॉर्म से लेकर फुट ओवरब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया के साथ ही परिसर में बने होल्डिंग एरिया में भी जगह भर गई।

माघी मेले को लेकर इस बार तीन जनवरी से 15 फरवरी तक (3 जनवरी, 14, 18 जनवरी, 23 जनवरी, 1 फरवरी और 15 फरवरी) छह स्नान पड़ेंगे। इस दिन गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर सहित अन्य जिलों से प्रयागराज जाने के साथ ही बहुत से लोग काशी भी आते हैं।

इधर, रेलवे प्रशासन की ओर से वाराणसी से प्रयागराज तक पांच से अधिक स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। स्पेशल ट्रेनें वाराणसी सिटी, वाराणसी जंक्शन और बनारस रेलवे स्टेशन से होते हुए प्रयागराज तक जाएंगी। इसमें सर्वाधिक लोग वाराणसी जंक्शन यानी कैंट स्टेशन पर आते हैं।

बढ़ाई गई सुरक्षा : शुक्रवार की देर रात तक गोरखपुर, मऊ, भटनी, जौनपुर, चंदौली आदि जगहों से आने वाली ट्रेनों में भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में अधिक दिखी। इसमें कोई अकेले तो कोई परिवार के साथ आया। कैंट रेलवे स्टेशन पर भी मेला चलने तक हर दिन डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों के आने का अनुमान हैं।

इधर होल्डिंग एरिया में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए आरपीएफ के जवानों ने लोगों को व्यवस्थित ढंग से बिठाया और जिसको जहां जगह मिला वह आराम भी करने लगा। यहां जरूरत के हिसाब से जनरल टिकट लेने, इमरजेंसी दवाइयों की सुविधा के लिए ट्रेनों के आने जाने की जानकारी के लिए एलईडी स्क्रीन भी लगवाई गई है। सुरक्षा के लिहाज से सीसी कैमरा भी होल्डिंग एरिया में लगाया गया है।

पटल-प्रवाह और भीड़ के दबाव पर बदलेगा मार्ग : माघ मेला के दौरान यातायात, भीड़ नियंत्रण और समग्र सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को लेकर शुक्रवार देर शाम पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कैंप कार्यालय पर अधिकारियों के साथ बैठक की। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देख पटल-प्रवाह के अनुसार मार्ग निर्धारण, वन-वे संचालन, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने प्रमुख मार्गों, गंगा घाटों और संवेदनशील स्थलों पर मानक अनुरूप बैरिकेडिंग, वॉच टावरों से निगरानी और सीसीटीवी, ड्रोन से निगरानी पर विशेष जोर दिया।

स्नान क्षेत्रों में सुरक्षित लेन व्यवस्था, महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, रेलवे स्टेशनों व स्कूल परिसरों में होल्डिंग एरिया व शहर के भीतर-बाहर सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था के निर्देश दिए गए। मेला और मंदिर परिक्षेत्र में नो-व्हीकल जोन पूर्व से घोषित कर आवश्यक सेवाओं को ही अनुमति देने और प्रमुख मंदिरों में महिला पुलिस सहित पर्याप्त बल, पीए सिस्टम और कतार प्रबंधन के निर्देश दिए गए।

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