नई दिल्ली : जुलाई विद्रोह के प्रमुख चेहरे उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में शुरू हुई नए सिरे से हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इस हिंसा में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ की ओर से हिंदुओं की नृशंस हत्या की कई चिंताजनक घटनाएं सामने आ चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 18 दिनों में छह हिंदुओं की हत्या कर दी गई है। इस बीच बांग्लादेश पुलिस ने कपड़ा मजदूर दीपू दास की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी यासीन अराफात को गिरफ्तार किया है।
दीपू दास की हत्या की रची साजिश : जानकारी के अनुसार यासीन अराफात ने ही कथित ईशनिंदा के नाम पर भीड़ को उकसाकर इकट्ठा किया। यासीन अराफात जो कि पूर्व मदरसा शिक्षक है, उसने ही दीपू दास की हत्या की पूरी साजिश रची थी। यासीन को ढाका पुलिस की मदद से डेमरा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में सरुलिया से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के फौरन बाद यासीन इलाके से छोड़कर भाग गया और छिप गया था।
ढाका के कई मदरसों में घूमता रहा : यासीन अराफात शेखबारी मस्जिद में इमाम के तौर पर काम कर रहा था और पिछले 18 महीनों से एक मदरसे में पढ़ा रहा था। 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद वो 12 दिनों तक छिप गए। इतना ही नहीं ढाका के कई मदरसों में घूमता रहा और यहां तक कि फर्जी पहचान के तहत सफ्फा मदरसा में पढ़ाने का काम भी हासिल कर लिया।
अब तक 21 लोग गिरफ्तार : दीपू दास हत्याकांड में अब तक पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से नौ ने अदालत के समक्ष अपना अपराध स्वीकार किया है। इस घटना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर गुस्सा पैदा कर दिया है। भारत में बांग्लादेश के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया।
