अमृतसर : पाकिस्तान विभिन्न गुरु धामों पर माथा टेकने गई एक महिला श्रद्धालु के लापता होने से सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों में चिंता बढ़ गई है। लापता महिला की पहचान सरबजीत कौर, निवासी जिला कपूरथला, के रूप में हुई है। वह 4 नवंबर को 1,932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई थी।
इमिग्रेशन फॉर्म में नहीं भरा था राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर : सूत्रों के अनुसार, जत्थे के पाकिस्तान जाने से पहले सरबजीत कौर द्वारा भरे गए इमिग्रेशन फॉर्म में एक अहम गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने फॉर्म में अपनी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर वाली कॉलम खाली छोड़ दी थी, जिससे अब मामला और संदिग्ध हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इतने महत्वपूर्ण कॉलम का खाली छोड़ा जाना गंभीर जांच का विषय है।
आखिरी जत्थे में नहीं सरबजीत का नाम : जत्थे के अनुसार, 13 नवंबर को कुल 1,922 श्रद्धालु वापस लौटे। जबकि कुछ श्रद्धालु पहले ही वापस आ चुके थे। लेकिन लौटने वाले मुख्य जत्थे की अंतिम सूची में सरबजीत कौर का नाम नहीं था। इसके बाद खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा विभागों को तुरंत सूचित किया गया और महिला की तलाश तेज कर दी गई।
पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क : एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि महिला जत्थे से अलग कैसे और क्यों हुई, क्या वह किसी स्थानीय स्थान पर रह गई या मामला किसी संदिग्ध गतिविधि से जुड़ा हो सकता है। पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क कर उसकी लोकेशन और मूवमेंट का रिकॉर्ड हासिल किया जा रहा है।
मामला बेहद संवेदनशील : सरबजीत कौर के परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब इमिग्रेशन रिकॉर्ड, पासपोर्ट डिटेल, यात्राओं के दस्तावेज और पाकिस्तानी अधिकारियों के इनपुट के आधार पर हर पहलू से जांच कर रही हैं। मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है और महिला की तलाश के लिए बहु-एजेंसी ऑपरेशन जारी है।
