नई दिल्ली : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2023 के उस मामले में सात और आरोपियों व कोवई अरेबिक एजुकेशनल एसोसिएशन (केएईए) नाम के रजिस्टर्ड सोसायटी के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर की है, जिसमें मुफ्त अरबी क्लासों के जरिए युवाओं को चरमपंथ की ओर धकेलने और आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने का आरोप है। इससे पहले एनआईए चार आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें मद्रास अरेबिक कॉलेज के प्रिंसिपल जमील बाशा भी शामिल थे। यह पूरा मामला अक्टूबर 2022 के कोयंबटूर कार ब्लास्ट की जांच से जुड़ा है। एनआईए के मुताबिक, 18 आरोपियों में से 14 कोवई अरेबिक कॉलेज के छात्र थे, और यह कॉलेज केएईए सोसायटी की तरफ से संचालित होता था।
मामला अगस्त 2023 में एनआईए की चेन्नई शाखा ने स्वयं दर्ज किया था। जांच में पता चला कि आईएसआईएस से प्रेरित एक कट्टरपंथी समूह ने ‘फ्री अरबी क्लासेस’ के नाम पर युवाओं को आतंकवादी विचारधारा अपनाने के लिए उकसाया।
जूम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम से फैलाते कट्टरपंथी भाषण : एनआईए के अनुसार, कट्टरपंथी भाषण और धार्मिक प्रवचन ऑनलाइन क्लासों, जैसे जूम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम, के जरिए फैलाए जाते थे। साथ ही नियमित कक्षाओं में भी जमील बाशा के लाइव या रिकॉर्डेड लेक्चर दिखाए जाते थे। पूरक चार्जशीट में जिन सात छात्रों को आरोपी बनाया गया है, उनके नाम हैं, मोहम्मद हुसैन, इरशाद, अहमद अली, अबू हनीफा, जावहर सादिक, शेख दाऊद और राजा मोहम्मद।
जांच जारी, पूरे कट्टरपंथी नेटवर्क को खत्म करना लक्ष्य : इनमें से मोहम्मद हुसैन और इरशाद पहले चार्जशीट में भी आरोपी थे। अब उन पर अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं। एनआईए ने कहा कि केएईए सोसायटी को भी कानूनी इकाई के रूप में आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने बताया कि यह जांच अब भी जारी है और उनका लक्ष्य इस तरह के पूरे कट्टरपंथी नेटवर्क को खत्म करना है।
