लखनऊ : निगोहां के बख्तौरीखेड़ा गांव चल रहे धर्म परिवर्तन के मुख्य आरोपी मलखान ने पत्नी व दो बेटों का भी धर्म परिवर्तन कराया था। पत्नी का नाम तो नहीं बदला, पर दोनों बेटों का नाम भी उसने बदल दिया था। जांच में इस बात का पता चला है कि धर्म परिवर्तन गैंग से जुड़े लोग नकद में लेनदेन करते थे। गैंग से जुड़े कुछ संदिग्धों की तलाश में पुलिस लगी है।
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि आरोपी के दो बैंक खातों की पूरी डिटेल बैंक से मांगी गई है। सूत्र बताते हैं कि खातों में लेनदेन का रिकॉर्ड चेक किया तो कुछ खास जानकारी हाथ नहीं लगी। जांच में पुलिस को इस बात का पता चला है कि धर्म परिवर्तन गैंग से जुड़े लोग सारा लेनदेन कैश में करते थे, ताकि कोई सबूत न रह जाए। पुलिस को गिरफ्तार किए गए मलखान के मोबाइल फोन से काफी मोबाइल नंबर मिले हैं। पुलिस एक-एक करके उक्त नंबरों के बारे में पता लगा रही है।
डीसीपी ने बताया कि निगोहां पुलिस को उन 12 लोगों के नाम व पता मिला है, जिनको मलखान ने धर्म परिवर्तन कराया था। पुलिस ने कुछ लोगों से बातचीत भी की है। इस बातचीत के दौरान कुछ अहम जानकारियां हाथ लगी है। चंगाई सभा में मलखान हर बृहस्पतिवार और रविवार को ईसाई संस्था से जुड़े कुछ लोगों को अपने खेत में बने हॉल बुलवाता था। संस्था के लोग ग्रामीणों को बहकाते थे।
निगोहां पुलिस के सूत्र बताते हैं कि धर्म परिवर्तन करने वाले गैंग के संपर्क में सिर्फ बख्तौरीखेड़ा गांव के ही नहीं बल्कि छोटीखेड़ा, बदनखेड़ा और समेसी गांव के कुछ लोग भी संपर्क में थे। डीसीपी ने बताया कि आरोपी ने धर्म परिवर्तन का पहला शिकार अपनी पत्नी व दोनों बेटों को बनाया। पत्नी का नाम तो नहीं बदला, पर बेटों का नाम भी बदल दिया था।
