बांग्लादेश : आज उठेगा उस्मान का जनाजा, सांप्रदायिक नफरत और लिंचिंग जारी; अमेरिका ने जारी किया अलर्ट

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नई दिल्ली/ढाका : बांग्लादेश में युवा नेता उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका में हिंसा भड़क उठी। सड़कों पर उतरे युवाओं ने अखबार और राजनीतिक दलों की इमारतों को निशाना बनाया। हिंसा और आगजनी के बाद हालात चिंताजनक हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई तस्वीरें चुनाव की तैयारी में लगे पड़ोसी देश की मौजूदा स्थिति को बयां कर रही हैं। ढाका में तनावपूर्ण हालात के बाद क्या कर रही है मोहम्मद युनूस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार? पुलिस और प्रशासन किस तरह की सख्तियां कर रहे हैं?

अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए जारी किया निर्देश : बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मौजूद अमेरिकी उच्चायोग ने देश में हिंसा के मद्देनजर अपने नागरिकों के लिए निर्देश जारी किया है। एक्स पर साझा किए गए इस निर्देश में कहा गया है कि शरीफ उस्मान हादी के जनाजे की नमाज शनिवार, 20 दिसंबर को नमाज के बाद मानिक मियां एवेन्यू (राष्ट्रीय संसद भवन के सामने) में अदा की जाएगी। इस क्षेत्र और पूरे ढाका में भारी संख्या में लोगों के आने की आशंका है। अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और याद रखना चाहिए कि शांतिपूर्ण उद्देश्य से आयोजित सभाएं भी हिंसक रूप ले सकती हैं। आपको प्रदर्शनों से बचना चाहिए और किसी भी बड़ी सभा के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए।

सिंगापुर से ढाका लाया उस्मान हादी का शव : बांग्लादेश में जुलाई में हुए विद्रोह के एक प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी का शव सिंगापुर से ढाका लाया गया है। हादी को पिछले हफ्ते अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार सिर में गोली मार दी थी और छह दिनों के बाद गुरुवार देर रात सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग में सुरक्षा कड़ी की गई : प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की मृत्यु के बाद बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की तरफ से टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में हादी की मृत्यु की पुष्टि के बाद बांग्लादेश में तनाव फैल गया, जिसके चलते गुरुवार रात को व्यापक प्रदर्शन, हमले और तोड़फोड़ हुई। अधिकारी ने कहा, ‘हमने गुरुवार रात को बांग्लादेश उच्चायोग में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। किसी को भी कानून-व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’

हिंदू युवक की लिंचिंग पर अंतरिम सरकार सख्त : बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने हिंदू युवक की लिंचिंग की कड़ी निंदा की है। सरकार ने कहा कि न्यू बांग्लादेश में सांप्रदायिक नफरत और भीड़ की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। बयान में साफ किया गया कि इस निर्मम हत्या में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर सख्त कार्रवाई होगी।

सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ अलग-थलग आतंकी तत्व देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही आगजनी, तोड़फोड़, डर फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को चेतावनी दी गई कि लोकतांत्रिक परिवर्तन में बाधा डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अल्पसंख्यकों पर हमलों की चिंता : इस बीच, बांग्लादेश में हालात पर चिंता जताते हुए पूर्व राजदूत अनिल त्रिगुणायत ने कहा कि देश में अल्पसंख्यक समुदायों और भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फरवरी में संभावित चुनावों से पहले इस तरह की घटनाएं बांग्लादेश के लिए ठीक संकेत नहीं हैं।

इधर, ढाका विश्वविद्यालय के शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलने को लेकर भी हलचल रही। शुक्रवार तड़के करीब 2:30 बजे छात्रों ने गेट पर ‘शहीद उस्मान हादी हॉल’ का बैनर लगा दिया। छात्र संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक यह कदम छात्रों के मतदान के बाद उठाया गया। हालांकि, इसे आधिकारिक नाम परिवर्तन नहीं माना गया है। हॉल का नाम बदलने का प्रस्ताव बाद में बैठक में रखा जाएगा।

धनमोंडी में बंगाली सांस्कृतिक केंद्र छायानौत पर हमला, ऑफिस में आग लगाई गई : बंगाली संस्कृति को बढ़ावा देने वाले संस्थान छायानौत के मुख्य कार्यालय पर धनमोंडी इलाके में रात को हमला किया गया। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की और आग लगा दी।

इस हमले में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।  पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है और आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। छायानौत के अधिकारियों ने कहा कि वह जल्द ही नुकसान का आकलन करेंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

इस बीच, हादी की मौत के बाद भड़के विरोध प्रदर्शनों के चलते हालात तनावपूर्ण बने रहे। प्रदर्शनकारियों के हमले और आगजनी के कारण प्रोथोम आलो और डेली स्टार अखबार शुक्रवार को प्रकाशित नहीं हो सके। दोनों अखबारों की ऑनलाइन सेवाएं भी लगभग ठप रहीं।

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