नई दिल्ली/इस्लामाबाद : पाकिस्तान पुलिस ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों और उनके दर्जनों समर्थकों के खिलाफ अडियाला जेल के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
इमरान खान की बहनों और उनके पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जेल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। दरअसल, अधिकारियों ने जेल में बंद नेता के रिश्तेदारों और वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
पुलिस के अनुसार, खान की दो बहनों अलीमा खान और नोरीन नियाजी के साथ-साथ सलमान अकरम राजा, नईम पंजोथा, कासिम खान, आलिया हमजा, राजा नासिर अब्बास नाम के पार्टी के नेताओं और समर्थकों के खिलाफ रावलपिंडी के सदर बेरोनी पुलिस स्टेशन में आतंकवाद विरोधी अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने कथित तौर पर राज्य के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 120 भी लगाई। पुलिस के मुताबिक कल रात मौके पर ही कम से कम 14 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। एफआईआर में उल्लिखित अपराधों में शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान के खिलाफ अप्रैल 2022 में सत्ता से बेदखल होने के बाद से कई मामले दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों ने खान से मुलाकातों पर बिना पूर्व सूचना के प्रतिबंध लगा दिए हैं। पुलिस का कहना है कि इस बहाने से कि आगंतुक ऐसी मुलाकातों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करते हैं। खान से आखिरी मुलाकात 2 दिसंबर को हुई थी, जब उनकी बहन उजमा खान को उनसे मिलने की अनुमति दी गई थी।
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र का यातना मामलों की विशेषज्ञ ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में स्थिति पर चिंता जताई और पाकिस्तान सरकार से कहा कि वह तत्काल और प्रभावी कदम उठाए। विशेषज्ञ ने कहा कि खान को दिन में 23 घंटे एकांतवास में रखा जा रहा है।
