नालंदा : नालंदा के वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान (VIMS) का हॉस्टल, जहां आमतौर पर पढ़ाई और प्रैक्टिकल की तैयारी होती है, वहीं से NEET परीक्षा में धांधली का बड़ा खेल संचालित किया जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड उज्ज्वल राज है, एक ऐसा छात्र, जो पढ़ाई में लगातार असफल रहा, लेकिन अवैध ‘सेटिंग’ के कारोबार में सक्रिय हो गया।
उज्ज्वल राज, VIMS के 2022 बैच का छात्र है। नियमों के अनुसार उसे अब तक एमबीबीएस के अंतिम वर्षों में होना चाहिए था, लेकिन बार-बार असफल होने के कारण वह अभी भी दूसरे वर्ष में ही रुका हुआ है। इसी असफलता के बीच उसने परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने का रास्ता चुना और सॉल्वर गैंग खड़ा कर लिया।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह दूसरे राज्यों—खासतौर पर राजस्थान और छत्तीसगढ़—से ‘प्रोफेशनल सॉल्वर’ बुलाता था, जो असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते थे। इसके बदले प्रति उम्मीदवार 20 से 25 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। इस नेटवर्क में उज्ज्वल का सहयोगी उसका कॉलेज साथी अवधेश कुमार और ममेरा भाई अमन कुमार भी शामिल थे, जो लंबे समय से हॉस्टल में रहकर गतिविधियां संचालित कर रहे थे।
पावापुरी पुलिस ने हॉस्टल में छापेमारी कर इस नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान 2.95 लाख रुपये नकद और दो लग्जरी वाहन (स्कॉर्पियो और ब्रेजा) जब्त किए गए। हालांकि, मुख्य आरोपी उज्ज्वल राज पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
सूत्रों के मुताबिक, इस गिरोह की गतिविधियां पहले से ही केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर थीं। हाल ही में सीबीआई टीम भी उज्ज्वल की तलाश में संस्थान पहुंची थी, जिससे नेटवर्क के बड़े दायरे का संकेत मिलता है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने बिहार के कई जिलों के 10–12 अभ्यर्थियों के साथ डील कर रखी थी। लेकिन समय रहते कार्रवाई होने से फर्जी एडमिट कार्ड जारी नहीं हो सके और परीक्षा से पहले ही पूरी साजिश विफल हो गई।
फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मोबाइल डेटा और संपर्कों के आधार पर आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
