पूर्णिया : शहर के महिला कॉलेज परिसर में जमीन विवाद को लेकर बुधवार को उस समय भारी हंगामा हो गया, जब अतिक्रमण हटाने और चारदीवारी निर्माण के दौरान हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान पूर्णिया पूर्व के अंचलाधिकारी (सीओ) ई. संजीव कुमार के साथ बदसलूकी और मारपीट का आरोप सामने आया है।
वहीं, मामले में दूसरा पक्ष भी खुलकर सामने आ गया है, जहां एक युवती ने सीओ पर ही मारपीट और अभद्रता की शुरुआत करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला कॉलेज प्रशासन द्वारा हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए कॉलेज परिसर की जमीन पर चारदीवारी निर्माण का कार्य कराया जा रहा था।
कॉलेज के समीप नाले के पास रहने वाले पूर्व जिला पार्षद पी.सी. राय और उनके समर्थकों ने इस कार्य पर आपत्ति जताते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसी विवाद की सूचना मिलने पर सीओ ई. संजीव कुमार मौके पर पहुंचे। आरोप है कि सीओ बिना पर्याप्त पुलिस बल के अकेले ही घटनास्थल पर पहुंच गए।
अतिक्रमणकारी उग्र हो गए, जिसके बाद देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भीड़ ने सीओ को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त, सदर एसडीओ और सदर एसडीपीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया. इसके बाद निर्माण स्थल पर शांति बहाल हुई।
प्रशासन ने इस घटना को सरकारी कार्य में बाधा डालने और लोक सेवक पर हमले के रूप में गंभीरता से लिया है। वरीय अधिकारियों ने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी अधिकारी पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इधर, इस पूरे मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। पूर्व जिला पार्षद पी.सी. राय की बेटी तृषा राय ने सीओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
तृषा राय का कहना है कि वह पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल से बना रही थीं। इसी दौरान सीओ उनसे नाराज हो गए और उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की। आरोप है कि इसी क्रम में सीओ ने उन्हें थप्पड़ मारा, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और हंगामा शुरू हो गया।
युवती का दावा है कि वायरल वीडियो में यह पूरी घटना साफ देखी जा सकती है। वहीं, सीओ संजीव कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व जिला पार्षद द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से रास्ता बना लिया गया था, जिसे हटाने के लिए एसडीएम कोर्ट से आदेश प्राप्त हुआ था।
उसी आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की जा रही थी। सीओ का कहना है कि महिलाओं को आगे कर सरकारी कार्य में बाधा डाली गई और उनके साथ बदतमीजी की गई। फिलहाल महिला कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। दोनों पक्षों के आरोप–प्रत्यारोप के बीच अब जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही।
