नई दिल्ली : भारत पर राज करने वाले अंग्रेजों के लड़ाकू विमान शायद अब ‘पैदल’ हो गए हैं. कुछ ऐसी ही मौज दुनियाभर के लोग ले रहे हैं. कुछ हफ्ते पहले जब भारत में ब्रिटिश लड़ाकू विमान तकनीकी खराबी के चलते केरल में उतरा था तब उसका काफी मजाक बनाया गया था. 1-2 दिन नहीं, एक महीने से ज्यादा समय तक वह जमीन ही पकड़े रहा. कई बार अंग्रेजों की टीम लंदन से आई तब जाकर F-35B लड़ाकू विमान का हाइड्रोलिक सिस्टम ठीक हुआ. ब्रिटेन को डर था कि उसकी तकनीक लीक न हो जाए इसलिए उसने जेट को खुले में ही रखा था. खैर, अब उसके एक और स्टील्थ फाइटर ने इमरजेंसी हालत में जमीन पकड़ लिया है.
हां, ब्रिटेन के F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान ने कुछ खराबी आने के बाद रविवार को जापान के कागोशिमा हवाई अड्डे पर इमरजेंसी हालत में लैंडिंग की. अधिकारियों ने बताया कि सुबह लगभग 11:30 बजे अफरा तफरी मच गई थी. इस लैंडिंग के 20 मिनट तक रनवे बंद रहा. ऐसे में हवाई अड्डे पर कुछ वाणिज्यिक उड़ानों का उतरना और उड़ना प्रभावित हुआ. किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. एक बार फिर अंग्रेजों के लिए शर्मिंदगी वाला मौका आया. ब्रिटिश सेनाएं 4 अगस्त से जापान की समुद्री फौज और अमेरिकी सेना के साथ संयुक्त अभ्यास कर रही हैं, जो अगले मंगलवार तक चलेगा. इस बीच जेट खराब हो गया.
इससे पहले जुलाई में, एक ब्रिटिश F-35B लड़ाकू विमान हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी के कारण केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आपातकालीन लैंडिंग के बाद भारत से रवाना हुआ था. इस जेट ने 14 जून को हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग की थी.
ब्रिटिश नौसेना का यह जेट ब्रिटिश नौसेना के विमानवाहक पोत एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स का एक हिस्सा है. वह लड़ाकू विमान अपनी नियमित उड़ान पर था, तभी उसमें खराबी आ गई और वह जहाज पर नहीं उतर सका. इसके बाद प्लेन तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर पहुंचा, वहां उसने इमरजेंसी में उतरने की परमिशन मांगी.
भारतीय वायु सेना ने ईंधन भरने सहित सभी आवश्यक सहायता प्रदान की लेकिन जेट सही नहीं हुआ. एक महीने तक वह हवाई अड्डे पर ही खड़ा रहा. आखिरकार 22 जुलाई को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से उड़ान भर सका. ब्रिटिश उच्चायोग के एक प्रवक्ता ने तब F-35B विमान की मरम्मत और रिकवरी में सहयोग के लिए भारतीय अधिकारियों का आभार जताया था.
