नई दिल्ली : ब्रिटेन के शाही परिवार में कुछ ऐसा हुआ है जिससे पूरे देश में हलचल मच गई है। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने अपने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू से सभी शाही उपाधियां और सम्मान छीन लिए हैं। प्रिंस एंड्रयू को विंडसर स्थित रॉयल लॉज छोड़ने का आदेश भी दिया गया है, जहां वे पिछले 2 दशकों से रह रहे थे।
बकिंघम पैलेस ने जारी किया बयान : बकिंघम पैलेस की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘महामहिम ने प्रिंस एंड्रयू के ‘स्टाइल, टाइटल्स और ऑनर्स’ हटाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की है। अब वो ‘एंड्रयू माउंटबैटन विंडसर’ के नाम से जाने जाएंगे।’ पैलेस ने बताया कि रॉयल लॉज की लीज खत्म करने का नोटिस उन्हें थमा दिया गया है। वो अब किंग चार्ल्स की निजी संपत्ति सैंडरिंगहैम एस्टेट (नॉरफॉक) में रहने के लिए शिफ्ट होंगे।
जेफ्री एपस्टीन से थी एंड्रयू की दोस्ती : किंग चार्ल्स ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब 65 वर्षीय एंड्रयू विवादों में घिरे हैं, खासकर अमेरिकी अरबपति और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से उनकी दोस्ती को लेकर। जेफ्री एक अमेरिकी फाइनेंसर और कुख्यात यौन अपराधी था। एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोप थे। साल 2019 में जेल में ही उसकी संदिग्ध मौत हो गई थी।
जानें पूरा विवाद : बता दें कि, हाल ही में वर्जीनिया गिफ्रे की मरणोपरांत किताब ‘नोबॉडीज गर्ल’ के प्रकाशन के बाद जनता के बीच गुस्सा देखने को मिला था। गिफ्रे ने अप्रैल में आत्महत्या कर ली थी। गिफ्रे ने किताब में दावा किया है कि किशोरावस्था में एंड्रयू ने उसका यौन शोषण ने किया था। हालांकि, एंड्रयू ने सभी आरोपों को खारिज किया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में एंड्रयू ने गिफ्रे के साथ करोड़ों डॉलर के समझौते से यह मामला शांत करने की कोशिश भी की थी।
