मप्र : प्रसिद्ध भोजशाला में आज पूजा और नमाज साथ-साथ, 8 हजार जवान तैनात

Dhar-Bhojnalay

नई दिल्ली : मध्य प्रदेश के धार की करते हैं आज भोजशाला में पूजा और नमाज दोनों एक-साथ होती दिखेगी। मौका बसंत पंचमी का है। ऐसे में हिंदू समाज ने पूरे दिन अखंड पूजा करने की मांग की थी तो मुस्लिम समाज भी जुमे की नमाज पढ़ने पर अड़ा था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों ही पक्षों को नाराज न करते हुए बीच का रास्ता निकाला।

आज एक तरफ हिंदू दिनभर मां सरस्वती की पूजा करेंगे तो मुस्लिम दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज पढ़ेंगे। हालांकि दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे और मुस्लिम समाज को पास का इंतजाम किया जाएगा जिससे कोई परेशानी न हो। इन सबको लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए धार में करीब 8 हजार पुलिसबल तैनात हैं।

कोर्ट ने आदेश दिया कि हिंदू पक्ष सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक भोजशाला में अखंड पूजा, हवन कर सकेगा। धार एडमिनिस्ट्रेशन भोजशाला परिसर में ही मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए अलग जगह उपलब्ध कराएगा। दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच सीमित संख्या में नमाज पढ़ी जाएगी। प्रशासन की तरफ से मुस्लिम समाज को पास का इंतजाम किया जाएगा और दोनों पक्षों के आने जाने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे।

इसके अलावा कोर्ट ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने के निर्देश दिए हैं। दोनों पक्षों से आपसी सम्मान और शांति बनाए रखने को कहा है जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच मीटिंग हुई। कलेक्ट्रेट में दोनों पक्षों से बात की गई जिस दौरान जिला कलेक्टर समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे…कोर्ट के फैसले से हिंदू समाज खुश है। हिंदू समाज का कहना है कि उनका अखंड पूजा करने का संकल्प पूरा होगा। हिंदू समाज के साथ-साथ मुस्लिम पक्ष भी प्रशासन का सहयोग करने को तैयार है…मुस्लिम समाज ने पहले ही सांकेतिक रूप से नमाज करने की बात कही थी…ऐसे में कोर्ट के फैसले पर अलम किया जाएगा।

ऐसे में प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए हैं। पुलिस के अलावा CRPF की तैनाती भी है। भोजशाला परिसर में बैरिकेडिंग कर दी गई है। पुलिस फ्लैगमार्च कर रही है, CCTV और ड्रोन्स के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है। भोजशाला में आज एंट्री करते समय कई चीजों को न ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा, बोतल या केन में डीजल/पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। किसी भी आयोजन की अनुमति लेनी जरूरी होगी। वहीं पुलिस आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

10 साल बाद आज बसंत पंचमी और जुमा एक साथ पड़ा है। हालांकि इतिहास के पन्नों को पलटें तो पिछले दो दशक में जब-जब बसंत पंचमी और जुमा साथ-साथ पड़ा है। तब-तब धार में सांप्रदायिक तनाव बढ़ा। 2006, 2013 और 2016 में बसंत पंचमी और जुमा एक साथ पड़ा था। इन तीन मौकों पर धार में दोनों समुदायों के बीच तनाव हुआ था। 2013 और 2016 में आगजनी और पथराव की घटनाएं हुई थीं, कर्फ्यू भी लगाना पड़ा।

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