गोपालगंज : बिहार में गोपालगंज जिले के भोरे थाना परिसर में बुधवार की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्रेमी जोड़े ने थाना में ही जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के वक्त थाने में दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौते के लिए पंचायत चल रही थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया गया है। फिलहाल दोनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
क्या है पूरा मामला? : जानकारी के अनुसार, कर्नाटक की रहने वाली फातिमा शेख और भोरे थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव निवासी निखिल (पिता- प्रमोद भगत) के बीच पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। फातिमा पहले से शादीशुदा थी और उसका एक बेटा भी है। निखिल के प्यार में फातिमा ने अपने पति को तलाक दे दिया था। निखिल कर्नाटक में नौकरी करता था, जहां दोनों की मुलाकात हुई थी।
बच्चे की बात पर शुरू हुआ विवाद : बताया जाता है कि जब निखिल को फातिमा के बच्चे के बारे में पता चला, तो उसने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। निखिल कर्नाटक के बाद राजस्थान चला आया था। जहां से नौकरी छोड़कर अपने गांव कल्याणपुर भाग आया और फातिमा से बात करना बंद कर दिया। फातिमा उसे ढूंढते हुए कर्नाटक से सीधे कल्याणपुर पहुंच गई और निखिल के घर पर रहने की जिद करने लगी। पिछले 10 दिनों से गांव में मान-मनौवल का दौर चल रहा था।
थाने के अंदर घटी घटना : मामला सुलझता न देख फातिमा शिकायत लेकर भोरे थाना पहुंची। पुलिस ने निखिल और उसके परिजनों को भी थाने बुलाया. रात करीब 8:00 बजे जब थाने में बातचीत चल रही थी, तभी मौका पाकर दोनों ने साथ लाया हुआ जहर खा लिया। जैसे ही दोनों जमीन पर गिरकर छटपटाने लगे, पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। दोनों को आनन फानन में रेफरल अस्पताल भोरे पहुंचाया गया। जहां से उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया गया।
क्या कहा अधिकारियों ने? : लड़की लड़के के साथ रहना चाहती थी, जबकि लड़का इसके लिए तैयार नहीं था। दोनों अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे। पुलिस मामले की जानकारी ले ही रही थी कि तभी अचानक दोनों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। प्राथमिकता के आधार पर दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। आनंद मोहन गुप्ता, एसडीपीओ, हथुआ
