अहमदाबाद : गुजरात एटीएस ने भारत में बड़े आतंकी हमले को टालने का दावा किया है। एटीएस ने कुल तीन संदिग्धों को दबोचा है। एटीएस के अनुसार मुख्य आरोपी के पास से दो ग्लॉक पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल, 30 ज़िंदा कारतूस और 4 लीटर अरंडी का तेल बरामद किया गया है। एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि सूचना मिली थी कि हैदराबाद का एक व्यक्ति सैयद अहमद मोहिउद्दीन आतंकी गतिविधियों में शामिल है और उसी के लिए अहमदाबाद आने वाला है। इसके बाद जांच की गई तो अहमदाबाद में उसकी गतिविधि का पता चला। उसे अडालज के पास एक टोल प्लाजा पर गिरफ्तार किया गया।
रासायनिक जहर से तबाही का प्लान : डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि सैयद अहमद मोहिउद्दीन ने चीन से एमबीबीएस किया है। वह भारत एक ऐसी आतंकी गतिविधि को अंजाम देना चाहता था जिससे भारी नुकसान हो। वह कई विदेशियों के संपर्क में था। वह अबू खदीजा नाम की एक टेलीग्राम आईडी के संपर्क में था, जो कथित तौर पर ISKP (इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत) से जुड़ा था। उसने रिसिन नामक एक रासायनिक जहर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की, जो अरंडी के बीजों के प्रसंस्करण से बचे अपशिष्ट पदार्थ से बनाया जा सकता है। वह हथियार की डिलीवरी लेने अहमदाबाद आया था। यह डिलीवरी उसे कलोल से मिली थी।
दो संदिग्धों ने ली है ‘दीनी’ शिक्षा : डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के अन्य दो संदिग्ध गुजरात के बनासकांठा में थे। इनमें एक लखीमपुर दूसरा शामली का है। इनकी पहचान आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सोहेल सलीम खान के तौर पर हुई है। दोनों ने ‘दीनी’ शिक्षा प्राप्त की है और कट्टरपंथी हैं। डीआई जोशी ने बताया कि ये विदेशों में लोगों के संपर्क में हैं। उन्होंने लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी की थी। कश्मीर में भी उनकी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने हनुमानगढ़, राजस्थान से सामान प्राप्त किया और कलोल में उतार दिया। जोशी ने कहा कि आगे की जांच जारी है। हमें एक आरोपी की 17 नवंबर तक की रिमांड मिली है। बाकी दो को आज अदालत में पेश किया जाएगा।
