नई दिल्ली : देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल ‘सीआरपीएफ’ में एक अधिकारी, जो जम्मू-कश्मीर में बतौर कमांडेंट तैनात हैं, वे ‘हनी ट्रैप’ का शिकार हो गए हैं। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि ‘हुस्न’ के चक्कर में कमांडेंट को ‘पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव’ नजर नहीं आया। बातचीत से शुरु हुआ सिलसिला काफी दूर तक पहुंच गया। इस चक्कर में अधिकारी का ‘मोबाइल फोन’ भी सुरक्षित नहीं रहा। हैक हुआ तो फोर्स मुख्यालय एवं दूसरी यूनिटों से जारी होने वाले अहम ‘सिग्नल’, ‘पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव’ तक जाने लगे। अब कमांडेंट को फोर्स के हेडक्वार्टर में तलब किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की जांच हो रही है।
मोबाइल फोन के साथ ‘पीआईओ’ ने किया खेल : बता दें कि सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में ‘हनी ट्रैप’ का यह पहला मामला नहीं है। इस तरह के केस, पहले भी आते रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि ‘पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव’ ने जम्मू-कश्मीर के लेथपोरा और उसके आसपास केंद्रीय बलों के जवानों और अधिकारियों को अपने जाल में फंसाने के लिए रणनीति तैयार की। वहां पर सीआरपीएफ का एक कमांडेंट, उसके जाल में फंस गया। पहले खूब बातें हुईं और उसके बाद मुलाकात। धीरे-धीरे यह सिलसिला आगे बढ़ता रहा। अधिकारी को यह मालूम ही नहीं चल सका कि वह ‘पीआईओ’ के चक्कर में फंस चुका है। सूत्रों का कहना है कि मुलाकातों के दौरान, अधिकारी के मोबाइल फोन के साथ ‘पीआईओ’ ने खेल कर दिया। मोबाइल फोन हैक हो गया। फोर्स से जुड़ी कई सीक्रेट जानकारियां, सीमा पार तक जाने लगी।
अनीता’ से बचकर रहने की सलाह दी गई : जनवरी 2023 में भारतीय सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों को पाकिस्तान की ‘अनीता’ से बचकर रहने को कहा गया था। तब ‘हसीन’ अनीता ने सेना और अर्धसैनिक बलों में अपना बड़ा जाल फैलाने का प्रयास किया। सुरक्षा बलों के अनेक कर्मियों के इसके जाल में फंसने की बात सामने आई। उस दौरान सोशल मीडिया पर ‘अनीता’ काफी सक्रिय रही थी। अपने अकाउंट पर अनीता ने अपना नाम, घर का पता और फोन नंबर, ये सब जानकारी दी। उसे देखकर कोई भी व्यक्ति यही समझता है कि ये तो भारतीय महिला है। इसका संबंध राजस्थान और पश्चिम बंगाल से है। नंबर भी लोकल है। वहीं से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ‘आईएसआई’ की इंटेलिजेंस ऑपरेटिव ‘अनीता’ का असली खेल शुरु हो जाता। उसका मकसद था, सैन्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों से खुफिया जानकारी जुटाना।
खुद को मिलिट्री अस्पताल में नर्स बताती थी महिला : वह महिला फेसबुक पर बेहद सक्रिय रही। उसने खुद को मिलिट्री अस्पताल में नर्स बताया था। अनीता के फेसबुक अकाउंट पर उसका होमटाउन श्रीगंगानगर, राजस्थान लिखा था। उसने पिता के नाम वाली जगह पर संतोष दास लिखा। पते के तौर पर उसने दक्षिणी दमदम ‘पश्चिम बंगाल’ बताया। उसने सोशल मीडिया पर 12 मार्च 2021 को अकाउंट्स बनाया। अनीता ने फेसबुक पर अपने अश्लील फोटो डाले। कई कार्मिक उसके जाल में फंस गए थे। उसका आईपी एड्रेस पाकिस्तान के बहावलपुर का मिला था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी सक्रियता को भांप लिया। तब सीमावर्ती राज्य राजस्थान में हनीट्रैप के करीब तीन दर्जन मामले सामने आए थे।
