‘वो ट्रॉफी लेकर भाग गए’, सूर्यकुमार ने लगाया नकवी पर बड़ा आरोप!

India-Trophy

नई दिल्ली : एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर भारतीय टीम जब ट्रॉफी का इंतजार कर रही थी, तब एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी उनसे यह खुशी छीनने की प्लानिंग कर रहे थे। दरअसल, भारतीय टीम ने पहले ही यह एलान कर दिया था कि खिलाड़ी नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेंगे। इस फैसले का सम्मान करने के बजाय नकवी जिद पर अड़े रहे और स्टेज पर ही खड़े रहे। बाद में वह खुद ट्रॉफी उठाकर वहां से होटल भाग गए। अब इस पूरे मामले पर सूर्यकुमार यादव ने प्रकाश डाला है।

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उनकी टीम ने पहले ही मोहसिन नकवी को पाकिस्तान प्रतिनिधि के रूप में देखते हुए ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। एसीसी अधिकारियों ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की और सुझाव दिया कि पुरस्कारों की प्रस्तुति एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी करें, लेकिन नकवी ने ऐसा नहीं होने दिया। लगभग एक घंटे तक चले तनाव के बाद आयोजकों ने चुपचाप ट्रॉफी ले ली, जबकि व्यक्तिगत प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी जैसे तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा को सम्मानित किया गया।

इंडियन एक्सप्रेस से इस मामले पर बात करते हुए सूर्यकुमार ने कहा, ‘हमने दरवाजा बंद नहीं किया और ड्रेसिंग रूम के अंदर नहीं बैठे। हमने पुरस्कार समारोह के लिए किसी को इंतजार नहीं करवाया। ट्रॉफी लेकर भाग गए वो। मैंने यही देखा। मुझे नहीं पता, कुछ लोग हमारा वीडियो बना रहे थे, लेकिन हम खड़े थे। हम अंदर नहीं गए।’

ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि भारत ने नकवी से ट्रॉफी इसलिए स्वीकार नहीं की क्योंकि वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) या सरकारी अधिकारियों के निर्देशों का पालन कर रहे थे। लेकिन भारतीय कप्तान ने ऐसी बातों को खारिज करते हुए कहा कि यह मैदान पर लिया गया टीम का फैसला था। 

उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले मैं यह स्पष्ट कर दूं कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान सरकार या बीसीसीआई में से किसी ने भी हमें यह नहीं बताया कि अगर कोई ट्रॉफी देगा, तो हम उसे नहीं लेंगे। हमने यह फैसला मैदान पर खुद ही लिया। वे (एसीसी अधिकारी) मंच पर खड़े थे और हम नीचे खड़े थे। मैंने उन्हें मंच पर बात करते देखा और मुझे उनकी बातचीत का ब्यौरा नहीं पता। भीड़ में से कुछ लोगों ने हूटिंग शुरू कर दी। और फिर हमने देखा कि उनका प्रतिनिधि ट्रॉफी लेकर भाग रहा था।’

इस दौरान सूर्या ने यह स्पष्ट किया कि उनकी टीम का कोई भी खिलाड़ी मैच के तुरंत बाद अपने फोन लेने के लिए ड्रेसिंग रूम के अंदर नहीं गया था। टीम के सहयोगी स्टाफ ने उनको मैदान पर उनके फोन लाकर दिए थे। मैच के दौरान स्टैंड में बैठे दर्शकों और सोशल मीडिया पर भारतीय फैंस ने अपनी नाराजगी जाहिर की। दर्शकों ने तो ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे तक लगाए। जैसे ही पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा स्टेज की ओर बढ़े, उन्हें हूटिंग का सामना करना पड़ा। 

इससे बौखलाए नकवी मैदान छोड़ भारत की ट्रॉफी के साथ भाग खड़े हुए। दूसरी ओर, पाकिस्तान की टीम मैच खत्म होने के बाद लंबे समय तक ड्रेसिंग रूम में रही, जिससे नकवी काफी देर तक अकेले और असहज स्थिति में दिखे। यह किसी को समझ नहीं आ रहा है कि नकवी पीसीबी का प्रतिधित्व कर रहे हैं या एसीसी का।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *