मथुरा : कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय विवाह संस्कार करने जा रहे हैं। पांच दिसंबर को जयपुर से शादी करने से पहले बुधवार को रमणरेती मार्ग स्थित उनके आवास पर हल्दी की रस्म के बाद घुड़चढ़ी हुई। शेरवानी पहने कथावाचक वह घोड़े पर सवार हुए।
धूमधाम से निकाली घुड़चढ़ी में हाथी की सवारी के साथ नगर के भागवताचार्य भी शामिल हुए। बुधवार शाम को दूल्हा बने भागवताचार्य श्री कृष्ण चंद्र ठाकुरजी के पुत्र कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की बैंड बाजों के साथ घुड़चढ़ी निकाली गई। इसके साथ ही वह जयपुर के लिए रवाना हो गए।
कुर्ता बगल बंदी और धोती पहनने वाले कथावाचक ने शेरवानी पहनी, सिर पर पगड़ी और हाथ में चांदी की छड़ी लिए थे। घोड़ी पर उनके के साथ भतीजी बैठीं थीं। घुड़चढ़ी के आगे सजे-धजे हाथी चल रहे थे। उनके पीछे घोड़ी सवार थे। इंद्रेश उपाध्याय का विवाह संस्कार जयपुर के ताज आमेर में पांच दिसंबर को होगा। सुबह दस से दोपहर एक बजे तक फेरे होंगे। इसमें देशभर से साधु, संत, महंत एवं भागवताचार्य शामिल होंगे।
कथा वाचक की शादी का निमंत्रण बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, मलूक पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज, कथा वाचक पुंडरीक गोस्वामी, देवकी नंदन ठाकुर, बॉलीवुड सिंगर बी प्राक को भी है। कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय की शादी हरियाणा के यमुनानगर की मूल निवासी डीएसपी रह चुके पंडित हरेंद्र शर्मा की पुत्री शिप्रा से होगी। यह परिवार वर्तमान में पंजाब के अमृतसर में रह रहा है।
