J&K : वैष्णो देवी धाम से संचालित मेडिकल कॉलेज के 50 छात्रों में सिर्फ 7 हिंदू, विहिप ने की कार्रवाई की मांग

Mata-Vaishno-Devi-Medical-College

श्रीनगर : माता वैष्णो देवी धाम के पैसे से चलने वाले मेडिकल कॉलेज के 50 छात्रों में केवल सात छात्र हिंदू हैं। यह जानकारी तब सामने आई जब मेडिकल कॉलेज ने 2025-26 के लिए छात्रों के पहले बैच की जानकारी साझा की। यह जानकारी सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद ने विरोध जताया है। विहिप ने माता वैष्णो देवी धाम ट्रस्ट को पत्र लिखकर इस पर कार्रवाई करने की मांग की है।  

माता वैष्णो देवी धाम के पास हर साल हिंदू-सिख भक्तों के द्वारा दान किया गया सैकड़ों करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है। श्राइन बोर्ड इस पैसे का उपयोग मंदिर के संचालन, विकास कार्यों और सामाजिक कार्यों में करता है। ट्रस्ट ने माता वैष्णो देवी धाम के पास ही 600 करोड़ रुपये की लागत से कटड़ा में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया है। इस कॉलेज को ‘श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस’ नाम दिया गया है। इस कॉलेज में पहले वर्ष के लिए मेडिकल के छात्रों को प्रवेश दिया गया है। इसी प्रवेश में 50 छात्रों में केवल सात हिंदू छात्रों का नाम सामने आने से बवाल मच गया है।

नर्सिंग कॉलेज में भी मुसलमान और ईसाई : आरोप है कि माता वैष्णो श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित नर्सिंग कॉलेज में भी ज्यादातर छात्र, मेडिकल स्टाफ और प्रोफेसर मुसलमान या ईसाई धर्म को मानने वाले लोग हैं। इस पूरी व्यवस्था का लाभ उठाने वाले लोगों में भी सबसे अधिक संख्या मुसलमान समुदाय के लोगों की ही है। श्राइन बोर्ड से मांग की गई है कि वह अपने मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज में हिंदू छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित करे।

हिंदू भावनाओं का सम्मान करे माता वैष्णो श्राइन बोर्ड- विहिप : विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने अमर उजाला से कहा कि माता वैष्णो देवी धाम के दर्शन करने वाला भक्त एक श्रद्धा और विश्वास के साथ दर्शन के लिए जाता है। उसे इसका भी भरोसा होता है कि उसके द्वारा चढ़ाए गए पैसे से हिंदू समाज के विकास, सनातन धर्म के विकास और गरीब हिंदू बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए खर्च किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि, लेकिन श्रद्धालुओं के पैसे से सनातन धर्म में विश्वास न रखने वालों को बढ़ावा देना चिंता पैदा करता है। बंसल ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को हिंदू मतावलंबियों की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए और उसे यह पता होना चाहिए कि उनकी आराध्य देवी मंदिर के ट्रस्ट से हिंदू समाज की क्या अपेक्षा हो सकती है।

विनोद बंसल ने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने पिछले 40-50 वर्षों से जम्मू-कश्मीर घाटी से हिंदुओं को केवल पलायन करने के लिए मजबूर किया है। हिंदू समाज को जम्मू-कश्मीर में अपनी धर्म, संस्कृति, घर छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा है। लेकिन इसके बाद भी उसके पैसों से चलने वाले मेडिकल कॉलेज में केवल उसी वर्ग के बच्चों का नाम शामिल है तो यह हिंदू समुदाय को पीड़ित करने वाला विषय है, मंदिर ट्रस्ट को इस पर ध्यान देना चाहिए।

हाईकोर्ट का निर्णय भी हिंदू पक्ष के साथ : हाल ही में हिमाचल प्रदेश के हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि किसी मंदिर को चढ़ाया जाने वाला पैसा उसी समुदाय का होता है। इसका उपयोग उसी समुदाय की भलाई या विकास कार्यों में किया जाना चाहिए। विहिप ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय का निर्णय किसी भी मंदिर ट्रस्ट को सही राह दिखाता है। माता वैष्णो देवी ट्रस्ट को भी उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार हिंदू समुदाय की भावनाओं का ख्याल रखते हुए पैसा खर्च करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *