छिंदवाड़ा : मध्य प्रदेश में जुन्नारदेव क्षेत्र के अंबाड़ा चौकी अंतर्गत सामने आए एक आत्महत्या के केस ने ऐसा मोड़ लिया कि पूरा क्षेत्र सन्न रह गया। परासिया इलाके में 19 अक्टूबर की शाम जो मामला साधारण आत्महत्या का लग रहा था, उसकी परतें जब खुलीं तो उसके पीछे प्यार, जुनून और धोखे की भयावह कहानी सामने आई।
मृतका लता मंडावर की मौत को लेकर पुलिस जांच ने जो खुलासा किया, वह दिल दहला देने वाला था। जिस सहेली के कंधे पर वह अपने दुख सुनाया करती थी, वही सहेली उसकी मौत की वजह बन गई। जांच में पता चला कि मृतका लता मंडावर और आरोपी मयूरी श्रीवास्तव के बीच पिछले कुछ वर्षों से गहरे प्रेम संबंध थे। दोनों एक-दूसरे से लगातार संपर्क में रहती थीं और अक्सर मिलती-जुलती थीं। लता शादीशुदा थी और उसके दो बच्चे थे। मयूरी चाहती थी कि लता अपने पति और बच्चों को छोड़कर उसके साथ रहे। लता ने परिवार और समाज के डर से ऐसा करने से मना कर दिया। इसी इंकार ने मयूरी के प्रेम को जुनून में बदल दिया। वह बार-बार उसे धमकाने लगी कि या तो मेरे साथ रहो, या फिर हम दोनों साथ मर जाएंगे।
19 अक्टूबर की शाम – आखिरी मुलाकात : अंबाड़ा चौकी प्रभारी संजय सोनवानी ने बताया कि घटना वाले दिन मयूरी ने लता को मिलने के लिए परासिया बुलाया। दोनों की मुलाकात पहले सौहार्दपूर्ण रही, लेकिन कुछ समय बाद कहासुनी होने लगी। मयूरी ने बातचीत के दौरान अपने पास रखा जहरीला पदार्थ लता को दे दिया, और कुछ ही मिनटों में लता की मौत हो गई। शुरुआत में मयूरी ने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। उसने बताया कि लता ने खुद जहर खाया, लेकिन पुलिस को घटनास्थल और बयान में कई विरोधाभास मिले।
चैट्स, कॉल रिकॉर्ड और सबूतों ने खोला राज : जांच टीम ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए और कॉल डिटेल्स व चैट्स की जांच की। मोबाइल में मिले संदेशों ने इस केस की पूरी कहानी पलट दी। लता और मयूरी के बीच कई बार हुई बातचीत में मयूरी ने दबाव डाला था “तुम मुझे छोड़ोगी तो मैं खुद को खत्म कर लूंगी, या तुम्हें भी नहीं छोड़ूंगी।” इन चैट्स ने पुलिस को स्पष्ट दिशा दी कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या की साजिश थी।
पुलिस ने सुलझाई रहस्य की गुत्थी : पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा के मार्गदर्शन में अंबाड़ा चौकी और जुन्नारदेव थाना टीम ने जांच को आगे बढ़ाया। घटनास्थल से जहरीले पदार्थ के अवशेष बरामद किए गए। दोनों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और व्हाट्सएप चैट्स का विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह प्रमाणित हुआ कि लता को मयूरी ने बुलाया और वही अंतिम बार उसके साथ देखी गई। इन साक्ष्यों के बाद पुलिस ने मयूरी श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया।
अदालत ने भेजा जेल, पुलिस का बयान : अंबाड़ा पुलिस ने आरोपी मयूरी के खिलाफ अपराध क्रमांक 389/25, धारा 108(बी) एनएस के तहत मामला दर्ज किया। पूछताछ के दौरान मयूरी ने अपने संबंधों की बात तो स्वीकारी, लेकिन हत्या से इनकार किया। हालांकि, पुलिस के पास मौजूद सबूत इतने मजबूत थे कि अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ प्रेम या ईर्ष्या का नहीं, बल्कि एक ऐसी मानसिक स्थिति का उदाहरण है जहां भावनाएं अपराध में बदल जाती हैं।
परिवार और समाज में हैरानी : लता की मौत से उसका परिवार बिखर गया है। पति और बच्चे अब भी यकीन नहीं कर पा रहे कि जिस सहेली पर लता भरोसा करती थी, वही उसकी मौत का कारण बनी। गांव में इस वारदात की चर्चा हर घर में है। लोग कहते हैं कि कभी किसी ने नहीं सोचा था कि दो सहेलियों की नज़दीकियां मौत की वजह बन जाएगी।
