इस्लामाबाद : पाकिस्तान में आतंकी भर्ती में सक्रिय रहे लश्कर-ए-ताइबा के सरगना बिलाल आरिफ सराफी की उसके ही परिवार के लोगों ने हत्या कर दी। ईद की नमाज के बाद शनिवार को बिलाल पर चाकू से हमला किया गया और फिर उसे गोली मार दी गई। बिलाल पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तबाह हुए लश्कर के मुरीदके स्थित मुख्यालय के पास हमला हुआ।
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में बिलाल खून से लथपथ जमीन पर पड़ा दिखाई दे रहा है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि बिलाल को उसके परिवार के लोगों ने ही मौत के घाट उतारा है। हालांकि, फिलहाल हत्या के असल कारणों का पता नहीं चल पाया है।
सूत्रों का कहना है कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा हो सकता है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बिलाल लश्कर के मुरीदके स्थित मुख्यालय में प्रशिक्षण के लिए आतंकियों की भर्ती करता था। उसका काम युवाओं की पहचान कर उन्हें आतंकी संगठन के लिए तैयार करना था। इस दौरान वह लोगों का ब्रेनवॉश भी करता था। हालांकि, वह भारत में किसी मामले में वांटेड लिस्ट में शामिल नहीं था।
पाकिस्तान, जिसने दशकों तक आतंकवाद नेटवर्क को अपनी विदेश नीति के हथियार के रूप में विकसित किया, अब खुद इसके शिकार बन गया है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) 2026 के अनुसार पाकिस्तान दुनिया का सबसे अधिक आतंक प्रभावित देश बन गया। 2025 में देश में 1,139 लोग मारे गए, 1,045 हमले हुए, 1,595 लोग घायल हुए और 655 लोग बंधक बनाए गए।
दक्षिण एशिया में केवल पाकिस्तान ही ऐसा देश है जहां 2025 में स्थिति बिगड़ी। पाकिस्तान में सबसे अधिक आतंकवादी घटनाएं खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत में हुईं। यहां 74% हमले और 67% मौतें दर्ज की गईं। सबसे सक्रिय आतंकवादी समूह तेहरिक-ए-तालिबान पाकिस्तान रहा, जिसने 595 हमले किए और 637 लोगों की मौतों के लिए जिम्मेदार था।
