पटना : बिहार में अब स्कूल की बिल्डिंग के लिए लाल ईंटों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में पर्यावरण के नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर देते हुए एक जरूरी आदेश जारी किया। पटना हाई कोर्ट ने पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी को आदेश दिया है कि जोगपट्टी रोड स्थित चिमानिया बाजार में निर्माणाधीन 560 बेड वाले आवासीय विद्यालय के प्रोजेक्ट में लाल ईंटों का उपयोग तुरंत बंद कराया जाए।
पटना हाई कोर्ट ने अधिकारियों को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से 31 दिसंबर 2021 को जारी केंद्र सरकार के निर्देश का सख्ती से पालन करने का भी निर्देश दिया है, जिसमें थर्मल पावर प्लांट के 300 किलोमीटर के दायरे में मौजूद सरकारी कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में फ्लाई ऐश ईंटों का 100 फीसदी इस्तेमाल जरूरी है।
जस्टिस संदीप कुमार की सिंगल बेंच ने 3 फरवरी को एक ब्रिक्स फर्म की रिट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। आदेश की एक कॉपी सोमवार शाम को उपलब्ध कराई गई।
जस्टिस कुमार ने बिहार एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड से भी जवाब मांगा और पूछा कि पश्चिम चंपारण जिले में रेजिडेंशियल स्कूल की बिल्डिंग बनाने में फ्लाई ऐश ईंटों की जगह लाल ईंटों का इस्तेमाल कैसे किया गया।
कॉर्पोरेशन की ओर से पेश हुए वकील गिरिजेश कुमार ने हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह अपने क्लाइंट को सलाह देंगे कि तय नियमों के हिसाब से फ्लाई ऐश ईंटों का इस्तेमाल पक्का किया जाए। मामले की सुनवाई 17 फरवरी को फिर से होनी है।