तेल अवीव : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल की संसद (नेसेट) को संबोधित किया है। नेसेट में अपने भाषण के दौरान उन्होंने भारत और इजरायल के रिश्ते पर कई अहम बातें कही हैं। नरेंद्र मोदी नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम हैं।
पीएम मोदी बुधवार को तेल अवीव पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर उनका इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट स्वागत और नेतन्याहू से मिलने के बाद वह नेसेट में अपने संबोधन के लिए पहुंचे।
इजराइल की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘इस प्रतिष्ठित सदन के सामने खड़ा होना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। मैं भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर और एक पुरानी सभ्यता के प्रतिनिधि के तौर पर दूसरी सभ्यता को संबोधित करते हुए ऐसा कर रहा हूं। मैं अपने साथ 140 करोड़ भारतीयों का अभिवादन और दोस्ती, सम्मान और साझेदारी का संदेश लाया हूं।’
इजरायली पार्लियामेंट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मेरा जन्म उसी दिन हुआ था, जिस दिन भारत ने इजरायल को ऑफिशियली मान्यता दी थी यानी 17 सितंबर 1950। मैं भारत के लोगों की तरफ से हर उस जान और हर उस परिवार के लिए गहरी संवेदनाएं रखता हूं जिनकी दुनिया 7 अक्टूबर को हमास के बेरहम आतंकवादी हमले में तबाह हो गई। हम आपका दर्द समझते हैं, हम आपके दुख में शामिल हैं। भारत इस समय और आगे भी पूरे भरोसे के साथ इज़राइल के साथ मजबूती से खड़ा है।’
पीएम मोदी के भाषण से पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के लिए बड़ी बातें कहीं। इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज यहां मोदी के आने से बहुत खुश हूं। मैं आपके यहां आने से इतना खुश कभी नहीं हुआ, जितना इजराइल के एक महान दोस्त और दुनिया के मंच पर एक महान नेता के तौर पर हुआ। मेरे प्यारे दोस्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आपके खास डेलीगेशन का येरुशलम में स्वागत है।’
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘मैं लगभग यह कहूंगा कि मोदी एक दोस्त से ज्यादा एक भाई हैं। जब आप पिछली बार यहां थे तो हम दोनों मेडिटेरेनियन कोस्ट पर थे। मैंने कहा था कि क्यों न हम अपने जूते उतारकर पानी में चले जाएं। हमने तब से कई चमत्कार किए हैं। हमने अपने व्यापार को दोगुना कर दिया है, अपने सहयोग को तिगुना कर दिया है और अपनी समझ को चौगुना कर दिया है।’
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘हम दोनों के बीच शानदार दोस्ती रही है। आज एयरपोर्ट पर जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे आए तो हमने एक-दूसरे को गले लगा लिया। प्रधानमंत्री मोदी का गले लगना कुछ खास है। इसे मोदी हग कहा जाता है। यह दुनिया भर में मशहूर है। जब आप किसी को करीब से सच में गले लगाते हैं तो आप जानते हैं कि यह कोई दिखावा नहीं है। यह असल है। इसे मोदी हग कहा जाता है।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल रवाना होने से पहले कहा कि यह राजकीय यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करेगी और रणनीतिक साझेदारी के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करेगी। पीएम मोदी ने कहा कि मैं इजरायली नेसेट को संबोधित करूंगा। यह हमारे मजबूत संसदीय और लोकतांत्रिक संबंधों को दिखाता है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पीएम की यात्रा दोनों देशों के बीच गहरे और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करेगी। साथ ही साझा चुनौतियों की समीक्षा करने और दोनों लोकतंत्रों के बीच मजबूत साझेदारी के साझा दृष्टिकोण को प्राप्त करने की दिशा में प्रयासों को पुनर्गठित करने का अवसर प्रदान करेगी।
