नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सहारा ग्रुप के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है. ईडी ने 6 सितंबर 2025 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है. इस मामले में जितेन्द्र प्रसाद वर्मा और अनिल विलापरमपिल अब्राहम को गिरफ्तार किया गया था. जांच में खुलासा हुआ कि दोनों सहारा की संपत्तियों को चोरी-छिपे नकद सौदों के जरिए बेचने में शामिल थे. ईडी की जांच में सामने आया है कि सहारा ग्रुप ने जनता से जमा कराए गए पैसे से कई संपत्तियां खरीदी, जिन्हें बाद में गुप्त रूप से बेचकर मोटी रकम हड़प ली गई. इस पूरे खेल में कई बड़े अधिकारी और सहयोगी शामिल रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और रिफंड प्रक्रिया : सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सहारा ग्रुप ने अब तक ₹16,138 करोड़ सहारा–SEBI रिफंड खाते में जमा किए हैं. इसमें से ₹5,000 करोड़ रुपये को ऑपरेटिव सोसायटियों के जमाकर्ताओं को लौटाने के लिए दिए गए थे. 28 फरवरी 2025 तक करीब 13 लाख जमाकर्ताओं को ₹2,314 करोड़ लौटाए जा चुके थे. 28 जुलाई 2025 तक यह रकम बढ़कर ₹5,000 करोड़ हो गई और इस तरह से 27 लाख से ज्यादा जमाकर्ताओं को पैसा मिला.
दावों का सत्यापन : जुलाई तक करीब ₹14,000 करोड़ के दावों का सत्यापन भी हो चुका था. अब सुप्रीम कोर्ट ने 12 सितम्बर 2025 को और ₹5,000 करोड़ जारी करने की मंजूरी दी है. ईडी की सक्रियता से सहारा ने रिफंड की प्रक्रिया तेज की और लाखों लोगों का बकाया क्लियर हुआ. आगे चलकर खाते में पड़े बचे हुए ₹19,533 करोड़ भी लौटाने की तैयारी है.
धोखाधड़ी और पोंजी स्कीम का खुलासा : ED जांच में पता चला कि सहारा ग्रुप ने पोंजी स्कीम चला रखी थी. मैच्योरिटी होने पर जमाकर्ताओं को पैसा लौटाने की बजाय जबरन फिर से निवेश कराया जाता था. कंपनी के खाते-किताबों में हेराफेरी कर देनदारियों को एक कंपनी से दूसरी कंपनी में ट्रांसफर किया जाता था. जमा रकम से बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं, निजी खर्चों में इस्तेमाल हुआ और अवैध लोन दिए गए.
अब तक की कार्रवाई : ईडी ने अब तक चार आदेश जारी कर बेनामी जमीनें और अन्य संपत्तियां जब्त की हैं. गिरफ्तार दोनों आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं. जांच अभी भी जारी है और सहारा के बड़े अधिकारियों तथा विदेशों में हुए लेन-देन की भी पड़ताल हो रही है. अब तक की कार्रवाई से साफ है कि ईडी के दबाव में सहारा ग्रुप को अपने लाखों जमाकर्ताओं को पैसा लौटाना पड़ा है. आने वाले समय में करोड़ों और लोगों को उनका अटका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद है.
