हिंदू-विरोधी निर्लज्ज मानसिकता, अमित मालवीय पर केस रद्द होने के बाद DMK पर भड़की BJP

Tamil-Nadu-BJP

नई दिल्ली : सनातन धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े विवाद में मद्रास हाई कोर्ट से बीजेपी नेता अमित मालवीय पर दर्ज एफआईआर रद्द होने के बाद पार्टी तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके पर बरस पड़ी है। बीजेपी ने डीएमके पर हिंदू-विरोधी निर्ल्लज और बेशर्म एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने बुधवार को 2023 में दिए गए तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन के बयान के लिए उनकी आलोचना करते हुए पूछा है कि क्या अब वे माफी मांगेंगे।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने अपने एक्स पोस्ट पर मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है, ‘क्या उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन इस जहरीली हेट स्पीच के लिए माफी मांगेंगे? क्या सीएम एमके स्टालिन इन विभाजनकारी टिप्पणियों की निंदा करेंगे? चाहे दीपाथून में कार्तिगई दीपम का विरोध हो या दीपावली में लोगों को जानबूझकर शुभकामनाएं नहीं देना, डीएमके की हिंदू-विरोधी मानसिकता बेशर्म और निर्लज्ज है।’

भाजपा प्रवक्ता ने आगे यह कहते हुए डीएमके लीडरशिप पर हमला किया है कि ‘क्या डीएमके नेतृत्व ने एक शब्द भी कहा,एक पूर्व केंद्रीय मंत्री और डीएमके एमपी के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर की बात है,जब उन्होंने यह बेतुकी टिप्पणी की कि हिंदू धर्म न सिर्फ भारत के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए खतरा है। तमिलनाडु के लोग देख रहे हैं। हिंदू आस्था के इस सरेआम अपमान को न तो वे भूलेंगे और न ही माफ करेंगे।’

बता दें कि हाल में मद्रास हाई कोर्ट ने सनातन और हिंदू धर्म से जुड़े दो-दो मामले में तमिलनाडु की डीएमके सरकार को जोरदार झटका दिया है। ताजा मामले में मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन के 2023 वाले सनातन धर्म से जुड़े आपत्तिजनक बयान को हेट स्पीच बताते हुए, इस मामले में बीजेपी नेता अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी है। अपने बयान में स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया से करते हुए उसे मिटाने की बात कही थी। जब, उनकी इस टिप्पणी को भाजपा नेता ने नरसंहार का आह्वान बताया तो उनपर एफआईआर करा दी गई। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में उनकी स्पीच को ‘नरसंहार का संकेत’ माना है।

इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट की डबल बेंच ने ही कार्तिगई दीपम विवाद में भी डीएमके सरकार को झटका देते हुए, इसे परंपरागत तरीके से प्रज्जवलित करते रहने का आदेश दिया था। बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी अपने पहले ही भाषण में इस मुद्दे को उठाया है। ऐसे में इस साल होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और एनडीए को सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ बड़ा राजनीतिक हथियार मिल गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *