मणिपुर : राज्य में होनी चाहिए स्थिर-टिकाऊ शांति, सरकार गठन से पहले दिल्ली में विधायकों के साथ बैठक

नई दिल्ली : मणिपुर में सरकार गठन को लेकर शांति को पहली शर्त बताते हुए भाजपा विधायक टोंगब्रैम रोबिंद्रो ने कहा है कि राज्य में स्थिर और टिकाऊ शांति के बिना नई सरकार बनाना संभव नहीं है। दिल्ली से लौटने के बाद इम्फाल में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि मणिपुर के भाजपा विधायकों की केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक सकारात्मक और उपयोगी रही।

बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य के लोगों का कल्याण था। रोबिंद्रो ने कहा कि सरकार बनेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन उससे पहले हालात सामान्य होना जरूरी है। फिलहाल सरकार गठन की कोई तय समय-सीमा नहीं बताई जा सकती, क्योंकि शांति बहाली सबसे अहम है। उन्होंने आपसी भाईचारे पर जोर देते हुए कहा कि सभी को पुरानी गलतियों को भूलकर आगे बढ़ना होगा।

बताया गया कि दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी एल संतोष और पार्टी के पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा ने मणिपुर के विधायकों के साथ लंबी बैठक की। इस बैठक में मैतेई और कुकी समुदाय के विधायक एक साथ मौजूद रहे। विधायक हाइकहम डिंगो ने कहा कि बैठक में शांति बहाली के उपायों पर चर्चा हुई और केंद्र के साथ निरंतर संवाद से सकारात्मक नतीजे निकलेंगे।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेताओं ने दोनों समुदायों के विधायकों से आपसी दूरी कम करने और भरोसा बहाल करने के लिए मिलकर काम करने को कहा है। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह समेत 34 भाजपा विधायक शामिल हुए, जबकि कुकी समुदाय के सात में से चार विधायक बैठक में मौजूद रहे।

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