नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में ई-सिगरेट पीने का मुद्दा तूल पकड़ गया है. बीजेपी आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने आज अपने एक्स हैंडल से एक वीडियो ट्वीट किया है. जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद लोकसभा में बहस के दौरान ई-सिगरेट पीते नजर आ रहे हैं. वीडियो में आज़ाद को अपनी हथेली में कुछ छिपाते और मुंह के पास ले जाते हुए दिख रहे हैं. मालवीय ने दावा किया कि आरोपी सांसद और कोई नहीं बल्कि टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद हैं.
कीर्ति आजाद पर स्पष्टीकरण दें ममता-अमित मालवीय : मालवीय ने इसे अस्वीकार्य करार देते हुए कहा कि ऐसे लोगों के लिए नियम-कानून का कोई अर्थ नहीं. उन्होंने इसे लोकतंत्र के मंदिर का अपमान बताते हुए टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी से स्पष्टीकरण की मांग की. इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोकसभा सचिवालय भी हरकत में आ गया है. उनसे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रिकॉर्डिंग की जांच करने की बात कही है.जबकि टीएमसी ने इसे राजनीतिक स्टंट करार देते हुए कहा कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मामले उछाले जा रहे हैं. उसने इस वीडियो की स्वतंत्र जांच की मांग की है.
अचानक कैसे उछला ये विवाद? : बताते चलें कि यह सारा मामला बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर की एक शिकायत के बाद शुरू हुआ. इस महीने की शुरुआत में ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक लिखित शिकायत सौंपी. इसमें किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि टीएमसी के एक सांसद सदन के अंदर खुलेआम ई-सिगरेट पी रहे हैं. जो संसदीय मर्यादा का स्पष्ट उल्लंघन है. उन्होंने स्पीकर से इस मामले में जांच और उचित कार्रवाई की मांग की.
नाम नहीं लिया, फिर भी भड़के कीर्ति : अपनी इस कंप्लेंट में अनुराग ठाकुर ने हालांकि किसी सांसद का नाम नहीं लिया था. इसके बावजूद टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद बिफर उठे. उन्होंने कहा कि इस तरह के तमाम आरोप बेबुनियाद हैं और बिना सबूतों के लगाए जा रहे हैं. आजाद ने ठाकुर की मांग को सदन का बर्बाद करने वाला बताते हुए उन्हें नाम बताने और प्रमाण देने की मांग की.
अब स्पीकर के पाले में पहुंची गेंद : अब बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय की ओर से कीर्ति आजाद का लोकसभा में ई-सिगरेट पीते हुए वीडियो वायरल करने के बाद मामला और दिलचस्प हो गया है. इस मामले में अनुराग ठाकुर ने स्पीकर को लिखित शिकायत दे रखी है और अब अमित मालवीय ने कीर्ति आजाद का ई-सिगरेट पीते वीडियो जारी किया है. अगर जांच में यह वीडियो सही पाया जाता है तो संसदीय इतिहास में यह दुर्लभ अनुशासनहीनता का मामला बनेगा. ऐसे में स्पीकर ओर बिरला टीएमसी सांसद के खिलाफ क्या सजा का फैसला लेंगे, यह देखने लायक बात होगी.
