ललितपुर : यूपी के मेडिकल कॉलेज ललितपुर में पिछले 3 सालों से अपने जीजा के नाम की एमबीबीएस की फेक डिग्री लगाकर नौकरी करने वाला डॉक्टर इस्तीफा देकर भाग गया। उसने बहाना बनाया कि उसकी मां की मौत हो गई है। ये पूरा केस फोटो बदलकर जॉब करने को लेकर है। इसको लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तरफ से मामले की जांच कराई जा रही है। ये पूरा केस भाई-बहन के बीच प्रॉपर्टी के विवाद के बाद सामने आया। मेडिकल कॉलेज ललितपुर के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला के मुताबिक, अमेरिका में रहने वाली डॉ. सोनाली सिंह ने बुधवार को एक पत्र में आरोप लगाते हुए कहा कि तालाबपुरा ललितपुर का रहने वाला उनका भाई अभिनव सिंह, एक फर्जी डॉक्टर है।
जीजा की डिग्री दिखाकर डॉक्टर बना साला : अपने पत्र में डॉ. सोनाली सिंह ने आगे बताया कि अभिनव सिंह कॉलेज में उनके हसबैंड राजीव गुप्ता के नाम की डिग्री लगाकर Cardiologist यानी दिल के डॉक्टर की जॉब कर रहा है। मयंक शुक्ला के मुताबिक, यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सेलेक्ट हुए ”राजीव गुप्ता” 2022 में कार्डियोलॉजी के डॉक्टर के रूप में आए थे। डॉ. सोनाली के पत्र के बाद ”डॉ. राजीव गुप्ता” की तरफ से अपना 2 लाइन का इस्तीफा सौंपा गया कि उनकी माता का निधन हो गया है और वह इस्तीफा दे रहे हैं।
अभिनव सिंह ने ऐसे किया घोटाला : प्रधानाचार्य मयंक शुक्ला ने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार अभिनव सिंह ने 2013 में आधार कार्ड की फोटो में बदलाव करके घोटाला किया था। वह आईआईटी रुड़की से बीटेक की डिग्री पूरी करने के बाद आईआरएस में चयनित हुआ। फिर वहां से किसी वजह से भागा और यहां ललितपुर आ गया। इसको लेकर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और अब तक उस डॉक्टर की तरफ से लिए गए वेतन आदि को वसूला जाएगा। इस मामले में नेशनल हेल्थ मिशन को भी शिकायत की जा रही है। इस घटना की खबर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला प्रशासन को दी गई है।
बहन ने खोल दी भाई की पोल-पट्टी : वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी इम्तियाज अहमद ने कहा कि बुधवार को मिली शिकायत के मुताबिक पूरा मामला फर्जी फोटो लगाकर नौकरी पाने का है। डॉ. सोनाली सिंह ने बताया है कि उनके भाई का नाम अभिनव सिंह है। वह अपने जीजा राजीव गुप्ता के नाम की डिग्री लगाकर यहां राजीव बनकर नौकरी कर रहे थे। फिलहाल वह संविदा डॉक्टर इस्तीफा देकर भाग गए। मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
