बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर भाजपा और सरकार पर जमकर निशाना साधा। तौकीर ने कहा कि रसूल आजम के लिए आई लव मोहम्मद कहने पर जुर्म बना दिया गया है। इस पर मुकदमे लिखा जा रहे हैं। धर्म परिवर्तन के नाम पर एकतरफा कार्रवाई की जा रही है जबकि मुस्लिम बहन बेटियों को धर्म परिवर्तन करने वालों पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता। अब हद हो चुकी है।
हमें सड़कों पर आने पर मजबूर ना किया जाए : उन्होंने कहा कि हम अपने मुल्क में नेपाल-बांग्लादेश-श्रीलंका जैसे हालात नहीं बनने देना चाहते क्योंकि हम अपने मुल्क से मोहब्बत करते हैं। इन तीनों मुल्कों में जितने मुसलमान की आबादी है उससे कहीं ज्यादा मुसलमान हिंदुस्तान में रहता है। अगर यह मुसलमान सड़कों पर आ गया तो मुल्क में क्या हालात बनेंगे और इसका जिम्मेदार कौन होगा, इसलिए हमें सड़कों पर आने को मजबूर ना किया जाए।
मुसलमान किसी धर्म के बारे में गलत टिप्पणी नहीं करता : तौकीर रजा ने कहा कि जिन लोगों ने मुसलमान के साथ ज्यादती की है और रसूल आजम की शान में गुस्ताखियां की हैं। ऐसे लोगों में गिरिराज सिंह भी शामिल हैं। अगर ऐसे लोगों पर एक सप्ताह में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो हम सड़कों पर आने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी केंद्र और प्रदेश सरकार की होगी। हमारी खामोशी और सहनशीलता को हमारी कमजोरी ना समझा जाए कोई मुसलमान किसी धर्म के बारे में गलत टिप्पणी नहीं करता तो किसी दूसरे को भी यह अख्तियार नहीं कि वह हमारे मजहब पर टिप्पणी करें।
मुसलमान सड़क से लेकर संसद तक सुरक्षित नहीं है : मौलाना ने कहा कि हिंदूवादी संगठन और कथित हिंदूवादी नेता मुस्लिम बहन-बेटियों पर लंबे वक्त से टिप्पणी करते रहे हैं। मुसलमान सड़क से लेकर संसद तक सुरक्षित नहीं है। संसद के अंदर मुसलमानों को खुलेआम गालियां दी जाती हैं। यही समझ नहीं आता कि यह लोग क्या चाहते हैं। रसूल-ए-आजम की शान में गुस्ताखियां की जा रही हैं। दुनिया का मुसलमान सब कुछ सहन कर सकता है मगर रसूल-ए-आजम की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं कर सकता।
इस्लाम सबसे ज्यादा औरतों को इज्जत देता है : आचार्य रामभद्राचार्य पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि इस्लाम सबसे ज्यादा औरतों को इज्जत देता है। इस्लाम मजहब पर औरतों को लेकर टिप्पणी करने वाले अपने धर्म में लिखी बातों को देखें। हमें इस बात से मतलब नहीं की किस धर्म में क्या लिखा है ठीक है।
