नवी मुंबई : भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ महिला वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल जीत लिया है. उसने नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में रोमांचक मुकाबले में शानदार जीत हासिल की. बारिश के कारण मैच 2 घंटे की देरी से शुरू हुआ. साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया और भारत ने 50 ओवरों में 7 विकेट पर 298 रन बनाए. जवाब में अफ्रीकी टीम 45.3 ओवरों में 246 रनों पर सिमट गई. उसके लिए कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने 101 रन बनाए. वह जब तक क्रीज पर थीं, तब तक टीम इंडिया की सांसें रुकी हुई थीं.
सबसे खतरनाक बल्लेबाज का विकेट : वोल्वार्ड्ट ने इस टूर्नामेंट के 9 मैचों की 9 पारियों में 571 रन बनाए हैं. उनके औसत 71.38 और स्ट्राइक रेट 98.79 का रहा. वह फाइनल में भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा थीं. वोल्वार्ड्ट एक तरफ से लगातार रन बना रही थी. उनके ऊपर विकेट गिरने का कोई असर नहीं दिख रहा था. जब ऐसा लग रहा था कि वह 140 करोड़ लोगों का दिल तोड़ देंगी, तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने फैंस को पिछले साल के मेंस टी20 वर्ल्ड कप फाइनल की याद दिला दी.
वोल्वार्ड्ट का मैच जिताऊ कैच : 42वें ओवर में भारत के लिए गेंदबाजी करने के लिए दीप्ति शर्मा आईं. उकी पहली गेंद को वोल्वार्ड्ट ने ग्राउंड से भेजने का प्लान बनाया. वोल्वार्ड्ट ने मिड ऑन की तरफ ऊंचा शॉट लगाया. गेंद के नीचे अमनजोत कौर आ गईं, लेकिन गेंद उनके हाथ से दो बार नीचने गिरने वाली थी. आखिरकार अमनजोत ने एक हाथ से कैच लेकर मैच को पलट दिया. उनके कैच लेते ही मैदान में खुशी की लहर दौड़ गई. भारत की सभी खिलाड़ियों ने उनकी ओर दौड़ लगाया और जोरदार जश्न मनाया. सबको पता था कि यह उस बल्लेबाज का कैच था जो मैच अकेले पलट देता.
सूर्यकुमार यादव की आ गई याद : अमनजोत ने इससे पहले एक रॉकेट थ्रो पर ताजमिन ब्रिट्स को रन आउट किया था. इसके बाद कैच लेकर मैच को पलट दिया. अमनजोत के कैच ने क्रिकेट फैंस को सूर्यकुमार यादव की याद दिला दी. सूर्या ने पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ही डेविड मिलर का यादगार कैच लिया था. हार्दिक की गेंद पर आखिरी ओवर में मिलर ने सामने की ओर शॉट मारा था तो लोगों को लगा कि गेंद बाउंड्री के बाहर चली गई, लेकिन सूर्या ने यादगार कैच लेकर भारत को चैंपियन बना दिया था. कुछ ऐसा ही अमनजोत के इस कैच के साथ भी हुआ था. यह एक मैच पलटने वाला कैच था और भारत चैंपियन बन गया.
