नई दिल्ली/ढ़ाका : दुर्गा पूजा त्यौहार से पहले बांग्लादेश ने भारत को हिल्सा मछली भेजी है. पड़ोसी देश से हिल्सा मछली की पहली खेप में 8 ट्रकों से करीब 32 टन फिश भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर पहुंच गई है. बांग्लादेश ने त्यौहार के लिए भारत को कुल 1,200 टन हिल्सा मछली भेजने की मंजूरी दी है. यह भेजी जा रही मछली पद्मा नदी से लाई जा रही है और हर ट्रक में करीब 4 टन मछली है. इसे ‘स्थायी दोस्ती’ का प्रतीक माना जा रहा है.
फिश इंपोर्टर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी सैयद अनवर मकसूद ने कहा, ‘यह खेप बुधवार रात तक कोलकाता के थोक बाज़ारों में पहुंच जाएगी.’ उन्होंने बताया कि एक किलो ‘पद्मा हिल्सा’ की कीमत करीब ₹1,800 होगी. मकसूद ने कहा, ‘अब लगभग रोजाना बांग्लादेश से मछलियां कोलकाता के बाजारों में आएंगी.’
वहीं, अफसरों ने बताया कि बांग्लादेश सरकार ने पहले कहा था कि शिपमेंट को उसकी निर्यात नीति 2024-27 का पालन करना होगा, जिसमें मिनिमम एक्सपोर्ट पॉलिसी 12.5 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम (करीब 1,520 रुपये प्रति किलो) तय किया जाना अनिवार्य है, जिसकी शिपमेंट विंडो 16 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच तय की गई है.
हिलसा मछली-जीआई टैग : हिल्सा मछली को बांग्लादेश में जीआई टैग मिला है और यह वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है. लेकिन 2012 से 2018 तक बांग्लादेश ने हिल्सा मछली के निर्यात पर रोक लगा दी थी.
बांग्लादेश वाणिज्य मंत्रालय : वहीं, बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्रालय ने एक्सपोर्टर्स से 11 सितंबर तक एप्लीकेशन जमा करने को कहा था. एप्लीकेशन के साथ अपडेटेड ट्रेड लाइसेंस, एक्सपोर्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (ईआरसी), इनटैक्स सर्टिफिकेट, वैट सर्टिफिकेट, सेल्स कॉन्ट्रैक्ट, फिशरीज डिपार्टमेंट का लाइसेंस और अन्य संबंधित दस्तावेज जमा करने के लिए कहा था. मंत्रालय ने यह भी साफ किया था कि जिन निर्यातकों ने पहले बिना इनविटेशन के एप्लीकेशन दिया था, उन्हें भी नया एप्लीकेशन जमा करना होगा.
