नई दिल्ली/तेल अवीव : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और इस्राइल के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों की साझा समृद्धि के लिए ‘स्टेपिंग स्टोन’ साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की कौशल शक्ति को इस्राइल अपने बड़े मेट्रो प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल कर सकता है, खासकर तेल अवीव में चल रहे शहरी परिवहन कार्यों में।
गोयल ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने इस्राइल के अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकात के साथ संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो FTA वार्ताओं के लिए पहला और बेहद महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लिखा यह संतुलित, व्यापक और पारस्परिक लाभकारी FTA की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रारंभिक चरण है, जो दोनों देशों की आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगा।
नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर : पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और इस्राइल का संयुक्त लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को विविध बनाना और उसे नए क्षेत्रों में विस्तार देना है। दोनों देश ऐसे सेक्टरों की पहचान कर रहे हैं, जहां मिलकर काम करने से बड़ा बाजार बन सकता है और आर्थिक अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा हम एक-दूसरे की क्षमताओं और आवश्यकताओं को समझते हुए ऐसा परिणाम लाना चाहते हैं, जिससे दोनों देशों को समान रूप से लाभ मिले।
कृषि, सिंचाई और टेक्नोलॉजी में साझेदारी : इजराइल में CEO गाबी मियोडोनिक (Netafim) से मुलाकात के दौरान गोयल ने भारत में सटीक सिंचाई, एग्रीटेक और सतत खेती के समाधान को और बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। नेटाफिम पहले से भारत में ड्रिप इरिगेशन और आधुनिक कृषि तकनीकों के क्षेत्र में सक्रिय है।
इस्राइल के मेट्रो प्रोजेक्ट्स में भारतीय कंपनियों के अवसर : गोयल ने एनटीए-मेट्रोपॉलिटन मास ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड के सीईओ इतमार बेन मीर के साथ बैठक में इस्राइल के आगामी मेट्रो प्रोजेक्ट्स में भारतीय कंपनियों की संभावित भूमिका पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि शहरी परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में दोनों देश मिलकर नए अवसर बना सकते हैं।
60 सदस्यीय भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ इजरायल दौरा : पीयूष गोयल इन दिनों 60 सदस्यीय बिजनेस डेलिगेशन के साथ इजरायल दौरे पर हैं, जहां वे शीर्ष नेतृत्व, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और नीतिगत अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। उनका उद्देश्य दोनों देशों के निवेश और व्यापार रिश्तों को नई गति देना है। गोयल शुक्रवार को यरुशलम भी जाएंगे, जहां वे उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे और भारत-इस्राइल के भविष्य के आर्थिक सहयोग को लेकर वार्ता करेंगे।
