नई दिल्ली/बर्कली : नोबेल पुरस्कार विजेता और ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर शोध करने वाले प्रसिद्ध अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ जॉर्ज स्मूट का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। इस बात की जानकारी यूसी बर्कले ने सोमवार को एक बयान जारी कर बताया। उन्होंने बताया कि स्मूट का निधन 18 सितंबर को पेरिस में दिल का दौरा पड़ने से हुआ। बता दें कि स्मूट को 2006 में फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने नासा के वैज्ञानिक जॉन मेथर के साथ मिलकर कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड रेडिएशन की खोज की, जिससे यह पुष्टि हुई कि ब्रह्मांड की शुरुआत लगभग 14 अरब साल पहले एक विशाल विस्फोट (बिग बैंग) से हुई थी।
कैसा रहा बचपन से लेकर अकादमिक तक का सफर? : बता दें कि फ्लोरिडा में जन्मे स्मूट ने एमआईटी से 1970 में पार्टिकल फिजिक्स में पीएचडी की और इसके बाद उन्होंने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले और लॉरेंस बर्कले नेशनल लैब में अपना वैज्ञानिक करियर शुरू किया। उन्होंने एक टीम का नेतृत्व किया जिसने ब्रह्मांड के शुरुआती दौर का नक्शा तैयार किया। उनकी खोज ने बताया कि कैसे अरबों साल पहले ब्रह्मांड में मामूली तापमान के अंतर से आज के विशाल आकाशगंगाएं बनीं।
विज्ञान के लिए किया बड़ा योगदान : नोबेल पुरस्कार की आधी राशि, लगभग 5 लाख डॉलर, उन्होंने बर्कले सेंटर फॉर कॉस्मोलॉजिकल फिजिक्स की स्थापना के लिए दान कर दी। 2014 में रिटायरमेंट के बाद उन्होंने दुनियाभर की यात्रा की और जलवायु परिवर्तन में गहरी रुचि दिखाई।
इतना ही नहीं स्मूट विज्ञान की दुनिया से बाहर भी लोकप्रिय थे। वह द बिग बैंग थ्योरी टीवी शो में खुद की भूमिका में दो बार नजर आए। साथ ही ‘आर यू स्मार्टर देन अ फिफ्थ ग्रेडर?’ नामक एक गेम शो में भी जीत हासिल की। इसके अलावा स्मूट पेरिस के खगोल कण और ब्रह्मांड विज्ञान प्रयोगशाला में पढ़ाते थे। संस्था ने उन्हें एक लार्जर दैन लाइफ कैरेक्टर बताया, जिनकी रुचियां विज्ञान से परे भी थीं।
