नई दिल्ली/लंदन : ब्राइटन के पास शांत तटीय शहर पीसहेवन में स्थित एक मस्जिद में शनिवार रात जानबूझकर आग लगाई गई। पुलिस इस घटना को नफरत आधारित अपराध (हेट क्राइम) मान रही है। उस समय मस्जिद के अंदर दो लोग थे। हालांकि, वह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। सीएनएन की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
आगजनी की यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब ब्रिटेन में इस्लामाफोबिया और यहूदी विरोधी घटनाएं बढ़ी हैं। मैनचेस्टर में एक सिनागॉग के बाहर भी हमले के कुछ ही दिन बाद यह घटना हुई है। सिनेगॉग के बाहर दो यहूदी श्रद्धालु मारे गए थे।
मस्जिद के मुख्य द्वार पर रात करीब दस बजे जब आग लगी, तो आपात सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं। यह मस्जिद पिछले चार वर्षों से एक छोटे स्थानीय समुदाय (करीब 10 से 15 लोगों) के लिए इबादत करने की जगह रही है। मस्जिद के एक स्वयंसेवक प्रबंधक ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दो नकाबपोश व्यक्ति दिखाई दिए, जिन्होंने पहले दरवाजा तोड़ने की कोशिश की और फिर सीढ़ियों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
आग लगने के दौरान मस्जिद के अध्यक्ष और एक अन्य स्वयंसेवक (दोनों 60 वर्षीय ) शाम की नमाज के बाद चाय पीने के लिए वहीं रुक गए थे। उन्होंने जोर की आवाज सुनी और जैसे ही वे बाहर निकले, आग मुख्य द्वार से फैल रही थी। प्रबंधक ने कहा, उन्होंने तेज धमाका सुना और जैसे ही बाहर निकले, मुख्य द्वार में आग दिशा बदलने लगी थी। अगर समय पर नहीं निकले होते, तो जान को खतरा हो सकता था। उन्होंने कहा, हमने देखा कि उन्होंने मस्जिद के फर्श और दरवाजे पर पेट्रोल छिड़का और आग मस्जिद अध्यक्ष की कार तक पहुंची।
पुलिस ने कहा कि आग से मस्जिद के सामने और बाहर खड़ी एक वाहन को क्षति पहुंची है। मस्जिद अध्यक्ष वाहन चालक हैं और उनकी कमाई उस वाहन पर निर्भर थी।
पुलिस ने कहा कि आगजनी में किसी को शारीरिक चोटें नहीं आई हैं। लेकिन इसका मुस्लिम समुदाय इसके असर को महसूस करेगा। प्रबंधक ने यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है जब इस मस्जिद को को निशाना बनाया गया हो। एक रात को अंडे फेंके गए थे और कुछ लोगों ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस घटना निंदा की और आगाह किया कि नफरत फिर से बढ़ रही है और ब्रिटेन को इसे दोबारा हराना जरूरी है।
