नई दिल्ली : AIADMK के पूर्व मंत्री और राज्यसभा सांसद सीवी षणमुगम अपने एक बयान के कारण विवादों में घिर गए हैं. उन्होंने महिलाओं की तुलना सरकारी फ्रीबीज से कर दी है. फ्रीबीज वे योजनाएं होती हैं, जिसमें सरकार मुफ्त में चीजें देती है जैसे अनाज या फिर घर. AIADMK बूथ कमेटी की ट्रेनिंग मीटिंग में शानमुगम ने कहा, ‘चुनावों के लिए कई ऐलान होंगे. वे मिक्सर, ग्राइंडर, बकरी और गाये मुफ्त में देंगे और हो सकता है कि वे हर शख्स को मुफ्त में पत्नी भी दे दें.’
उन्होंने आगे कहा कि करुणानिधि के बेटे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालीन ऐसे वादे भी कर सकते हैं. वहीं पलटवार करते हुए डीएमके के एक्स अकाउंट पर मंत्री थिरुमिगु गीता जीवन ने षणमुगम पर महिलाओं को नीचा दिखाने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे बयान महिलाओं के प्रति AIADMK नेताओं की विकृति और द्वेष को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए डीएमके ने कई योजनाएं चलाई हैं, जिनमें विदियाल पयणम, कलैग्नार महिला अधिकार योजना, पुधुमई पेन योजना, कामकाजी महिलाओं के लिए थोझी छात्रावास, और महिला सेल्फ हेल्प्ड ग्रुप्स के लिए लोन सीमा बढ़ाने और महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं.
गीता जीवन ने षणमुगम पर महिला लिंग का इस्तेमाल कर गाली देने का आरोप लगाया और सवाल किया कि क्या जयललिता के जीवित रहते हुए उन्होंने ऐसी टिप्पणी की होती, जबकि एडप्पादी पलानीसामी ने उन्हें फटकार नहीं लगाई थी.
उन्होंने एआईएडीएमके नेताओं के महिलाओं की योजनाओं का अपमान करने के पुराने बयानों के भी याद किया, जिनमें पलानीसामी की ओर से विदियाल पयणम बसों को ‘लिपस्टिक लगी बसें’ कहना, अभिनेत्री खुशबू की ओर से महिला अधिकार योजना की राशि को ‘भीख’ कहना और पीएमके की सौम्या अंबुमणि की ओर से महिलाओं को दी जाने वाली 1,000 रुपये की राहत राशि का मजाक उड़ाना शामिल है.
डीएमके के बयान में ज़ोर देकर कहा गया है कि स्टालिन के नेतृत्व में तमिलनाडु ने प्रगतिशील योजनाओं को लागू किया है जिससे महिलाओं की आर्थिक आज़ादी, शिक्षा में भागीदारी और रोज़गार के अवसरों में सुधार हुआ है। बयान में कहा गया है कि ऐसा विकास एआईएडीएमके को पसंद नहीं है, जिसके चलते षणमुगम ने अपमानजनक टिप्पणी की।
