नई दिल्ली/मॉस्को : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को यह ऐलान किया कि उनके देश ने एक अद्वितीय परमाणु इंजन से लैस क्रूज मिसाइल ‘बुरेवेस्तनिक’ का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल इतनी शक्तिशाली बताई जा रही है कि इसकी रेंज असीमित है। पुतिन ने इस परीक्षण के बाद रूसी सेना को आदेश दिया कि वह इस मिसाइल की तैनाती के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे की तैयारी शुरू करे।
टेलीविजन पर प्रसारित बैठक में पुतिन ने अपने रक्षा प्रमुखों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि हाल ही में परमाणु बलों के अभ्यास के दौरान इस मिसाइल का परीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि बुरेवेस्तनिक 15 घंटे तक हवा में रही और इस दौरान 14,000 किलोमीटर की दूरी तय की। पुतिन ने इसे रूस की सैन्य तकनीक में ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। उनका कहना था कि इस मिसाइल की रेंज और क्षमता दुनिया की किसी भी मौजूदा मिसाइल रक्षा प्रणाली को चुनौती दे सकती है।
कितना ताकतवर रूस का ये ‘हथियार’ : बुरेवेस्तनिक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह पारंपरिक टर्बोजेट इंजन वाली मिसाइलों से बहुत अधिक दूरी तक उड़ान भर सके। इसके इंजन में एक सूक्ष्म परमाणु रिएक्टर लगा है, जो हवा को सुपरहीट कर आगे की दिशा में जोरदार थ्रस्ट पैदा करता है। इस कारण यह मिसाइल 50 से 100 मीटर की बेहद कम ऊंचाई पर उड़ सकती है, जिससे इसे रडार सिस्टम पर पकड़ना मुश्किल हो जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, यह मिसाइल लक्ष्य पर वार करने से पहले घंटों या दिनों तक हवा में घूम सकती है और कई स्थानों पर एक साथ वार करने में सक्षम है।
परीक्षण में गई थी पांच वैज्ञानिकों की जान : इसके साथ ही यह बुरेवेस्तनिक में परमाणु वारहेड ले जाने की भी क्षमता है। इसकी अधिकतम संभावित रेंज 20,000 किलोमीटर तक बताई गई है, यानी यह रूस से उड़ान भरकर अमेरिका तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह पूर्ण परिचालन में लायी जाती है तो रूस के पास ऐसा हथियार होगा जो पारंपरिक मिसाइल सुरक्षा तंत्र को निष्प्रभावी कर सकता है। हालांकि, इस मिसाइल के पिछले कुछ परीक्षण असफल रहे हैं और 2019 में हुए एक हादसे में पांच वैज्ञानिकों की मौत भी हुई थी।
रूस की सैन्य गतिविधियां : रूस के सर्वोच्च सेनापति के रूप में पुतिन ने रविवार सुबह यूक्रेन में चल रहे सैन्य अभियानों की संयुक्त कमान का भी दौरा किया। वहां उन्होंने चीफ ऑफ जनरल स्टाफ जनरल वैलेरी गेरासिमोव और अन्य सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक के दौरान गेरासिमोव ने राष्ट्रपति को जानकारी दी कि यूक्रेनी मोर्चे पर रूस को रणनीतिक बढ़त मिल रही है और दो अहम दिशाओं में 10,000 से अधिक यूक्रेनी सैनिक घेराबंदी में आ चुके हैं।
गेरासिमोव की ब्रीफिंग : गेरासिमोव ने कहा कि यूक्रेनी सशस्त्र बलों की एक बड़ी इकाई, जिसमें 31 बटालियन शामिल हैं। वो रूसी नियंत्रण क्षेत्र में फंस चुकी है। उन्होंने बताया कि इस अभियान से रूस को पूर्वी यूक्रेन में निर्णायक लाभ मिला है। पुतिन ने भी इस रिपोर्ट पर संतोष जताया और कहा कि रूस अपनी सैन्य रणनीति को लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने मिसाइल परीक्षण और यूक्रेन में जारी अभियान को रूस की सुरक्षा नीति के दो स्तंभ बताया।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य और संकेत : विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का यह कदम वैश्विक शक्ति संतुलन पर सीधा असर डाल सकता है। परमाणु इंजन वाली मिसाइलों की दौड़ से अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिका और नाटो देशों की नजर इस परीक्षण पर है। वहीं, पुतिन ने साफ कहा कि रूस किसी को धमका नहीं रहा, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा के लिए सक्षम हथियार प्रणाली विकसित कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस भविष्य में ऐसी तकनीकों पर काम जारी रखेगा जो रणनीतिक संतुलन को रूस के पक्ष में बनाए रखें।
