एक हिंदू राजा जिसने दहेज में पाया बलूचिस्तान व कंधार, पहले युद्ध जीता…फिर सेल्यूकस ने दी अपनी बेटी

नई दिल्ली : कहते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने एक बार पूरा पाकिस्तान ही दहेज में मांग लिया था. एक पाकिस्तानी पत्रकार ने अटल जी से सवाल किया कि वो उनसे शादी करना चाहती हैं लेकिन इसके बदले में उन्हें मुंह दिखाई में कश्मीर देना होगा. पत्रकार के सवाल के जवाब में अटल जी ने कहा,’मैं तैयार हूं लेकिन आपको दहेज में पूरा पाकिस्तान देना होगा.’ यह सब तो मजाक चल रहा था लेकिन एक हिंदू राजा ऐसे रहे हैं जिन्होंने दहेज में राज्य हासिल किए थे. जी हां, चंद्रगुप्त मौर्य को बलूचिस्तान और काबुल दहेज में मिले थे. चलिए जानते हैं कैसे?

कहा जाता है कि सिकंदर की मौत के बाद उनके सेनापति सेल्यूकस निकेटर उत्तर-पश्चिम इलाकों पर हुकूमत कर रहा था. हालांकि चंद्रगुप्त मौर्य ने इन इलाकों पर अपना परचम लहराने के लिए युद्ध छेड़ दिया था. ऐसे में दोनों के बीच एक संधि हुई थी.

इस संधि के तहत सेल्यूकस ने अराकोसिया (कंधार), गंधार (काबुल क्षेत्र), पारोपमिसादे (हिंदूकुश क्षेत्र) और गेड्रोसिया (बलूचिस्तान का हिस्सा) चंद्रगुप्त को सौंप दिए थे. इसके बदले में उसे 500 हाथी मिले थे.

कुछ इतिहासकारों ने यह भी दावा किया है कि संधि के एक हिस्से के तहत सेल्यूकस ने अपनी बेटी की शादी भी चंद्रगुप्त मौर्य से करवाई थी. इसी वजह से दावा किया जाता है कि सेल्यूकस ने अपनी बेटी की शादी के वक्त चंद्रगुप्त को दहेज में यह प्रदेश दिए थे.

कौन थे चंद्रगुप्त मौर्य? : चंद्रगुप्त मौर्य भारत के प्राचीन इतिहास के महान सम्राट और मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे. उन्होंने लगभग 322 ईसा पूर्व में नंद वंश को पराजित करके मौर्य राजवंश की बुनियाद रखी और मगध (आधुनिक बिहार) को अपना आधार बनाया.

चंद्रगुप्त मौर्य का शासन : मौर्य का जन्म लगभग 345 ईसा पूर्व पाटलिपुत्र (अब पटना) में हुआ था. उन्होंने लगभग 322 से 298 ईसा पूर्व तक शासन किया था.

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