इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर लव जिहाद फंडिंग मामले में जेल में बंद पार्षद अनवर कादरी को पांच साल के लिए पार्षद पद से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इस संबंध में संभागायुक्त सुदामा खाड़े ने आदेश जारी किए हैं।
हाल ही में नगर निगम के साधारण सम्मेलन में भाजपा पार्षदों ने अनवर कादरी को पार्षद पद से हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए बैठक से वॉकआउट कर दिया था।
55 दिन तक फरारी काटने के बाद किया सरेंडर : अनवर कादरी पर आरोप है कि उसने दो युवकों को हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन करवाने के लिए दो लाख रुपये दिए थे। बाणगंगा पुलिस ने इस मामले में दोनों युवकों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने पूछताछ में अनवर कादरी का नाम बताया था।
इसके बाद पुलिस ने कादरी के खिलाफ केस दर्ज किया, लेकिन वह फरार हो गया। जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान उसकी बेटी आयशा ने भी मदद की थी, जिसके चलते पुलिस ने उसे भी आरोपी बनाया था। पुलिस की कई छापेमार कार्रवाई के बाद कादरी 55 दिन तक हैदराबाद, महाराष्ट्र और नेपाल में छिपा रहा। बाद में वह भेष बदलकर इंदौर जिला कोर्ट में पेश हुआ।
पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की और फिर जेल भेज दिया। उसके खिलाफ इंदौर के अलग-अलग थानों में 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। संभागायुक्त ने पुलिस से विस्तृत प्रतिवेदन मांगने के बाद कादरी को नोटिस जारी किया था। तय प्रक्रिया के तहत सुनवाई के बाद उसे पांच वर्ष के लिए पार्षद पद से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
