नई दिल्ली : पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने दावा किया है कि मई में भारत के साथ सैन्य टकराव के दौरान देश को ‘अल्लाह की मदद’ मिली थी। उन्होंने कहा कि भारतीय हमलों के बाद हुई भीषण लड़ाई के दिनों में इस मदद को महसूस किया गया था। इस्लामाबाद में नेशनल उलेमा कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, मुनीर ने कहा कि 7 मई को भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने के बाद हुए संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने ‘रूहानी मदद’ का अनुभव किया थे।
‘हमने रूहानी मदद को महसूस किया’ : ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बदले में किया गया था। आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। ऑपरेशन सिंदूर का मकसद पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था। रविवार को टेलीविजन पर प्रसारित मुनीर के भाषण की क्लिप के अनुसार, मुनीर ने कहा, “हमने इसे (रूहानी मदद) महसूस किया।” ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों के बीच तीखी झड़प हुई थी।
‘इस्लामी दुनिया में पाकिस्तान है खास’ : आसिम मुनीर ने अपने भाषण में आज के पाकिस्तान और 1,400 साल पहले अरब क्षेत्र में पैगंबर द्वारा स्थापित इस्लामी राज्य के बीच तुलना की। उन्होंने कुरान की कई आयतों का हवाला दिया और जिसे उन्होंने इस्लामी दुनिया में पाकिस्तान की विशेष स्थिति बताया। मुस्लिम दुनिया का जिक्र करते हुए, मुनीर ने कहा कि दुनिया भर में 57 इस्लामी देश हैं, लेकिन दावा किया कि पाकिस्तान को अल्लाह ने अनोखा सम्मान दिया है। मक्का और मदीना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “उनमें से, अल्लाह ने हमें हरमैन शरीफैन का संरक्षक होने का सम्मान दिया है।”
मुनीर ने अफगानिस्तान का किया जिक्र : मुनीर ने पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा चिंताओं का भी जिक्र किया। मुनीर ने कहा कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पाकिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) में से एक को चुन ले। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में घुसपैठ करने वाले अधिकांश आतंकवादी अफगान नागरिक हैं। मुनीर ने कहा, “पाकिस्तान में आने वाले टीटीपी गुटों में 70 प्रतिशत अफगान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक इस्लामी राज्य में सिर्फ राज्य को ही जिहाद का ऐलान करने का अधिकार है।
