कानपूर : नौसेना का जवान हूं, देश की रक्षा के लिए अपनी जान हथेली पर रखता हूं। मेरी ही पत्नी की हत्या कर उसे हादसा बताया जा रहा है। जो पत्नी के साथ हुआ है वह किसी और के साथ न हो। पत्नी को चलती ट्रेन से फेंकने वाले टीटीई के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, मुझे सिर्फ और सिर्फ न्याय चाहिए।
यह बात कहते हुए अजय यादव फफक कर रो उठे। पत्नी आरती की मौत पर पति अजय ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। अजय के मुताबिक, अनीता की छोटी सी गलती की रेलवे इतनी बड़ी सजा देगा, कभी सोचा भी न था।
दरअसल, पटना से आनंद विहार जा रही स्पेशल ट्रेन में बुधवार सुबह टीटीई का महिला से टिकट बनवाने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद महिला साम्हों-भरथना रेलवे स्टेशन के बीच चलती ट्रेन से कूद गई, जिससे उसकी मौत हो गई। कानपुर देहात निवासी महिला दिल्ली जाने के लिए गलती से इस ट्रेन के एस-11 कोच में चढ़ गई थी।
जिस स्थान पर शव मिला वहां से बैग काफी दूर मिला : मुंबई में तैनात और पुखरायां के अहरौली शेख (गायत्रीनगर) निवासी अजय का कहना है कि पत्नी का शव मिलने के दौरान पुलिस को उसका बैग व मोबाइल बरामद नहीं हुआ था। बैग पुलिस ने गुरुवार को बरामद किया है। जिस स्थान पर शव मिला वहां से बैग काफी दूर मिला है।
‘छोटी सी गलती की बड़ी सजा दी’ : बैग में ही आधार कार्ड व अन्य चीजें मिली हैं। बाबा मन्नू सिंह यादव को पुलिस से मिली सूचना में बुधवार को आधार कार्ड की फोटो भेजी गई थी। यदि आधार बैग में था तो पुलिस के पास बुधवार को ही कैसे पहुंच गया। अजय के मुताबिक, अनीता की छोटी सी गलती की रेलवे इतनी बड़ी सजा देगा, कभी सोचा भी न था।
कानपुर के नौबस्ता निवासी ससुर अनिल कुमार सिंह ने टीटीई संतोष के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करवाई है। मगर अभी तक टीटीई की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रेलवे प्रशासन टीटीई की बचाने में प्रयास में घटना को आत्महत्या दर्शाने का प्रयास कर रहा है।
टीटीई ने कुछ रुपयों के लालच में पत्नी को ट्रेन से फेंक कर मार डाला है। उसकी सरकार से मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी को सजा दिलाई जाए ताकि भविष्य में किसी यात्री के साथ इस प्रकार की घटना न हो।
दो दिन तक बजी मोबाइल की घंटी : आरती की मौत के बाद से अजय व उनका पूरा परिवार गमगीन है। बाबा मुन्नू सिंह ने बताया कि पौत्र के अक्सर ड्यूटी पर रहने के चलते बहू हमेशा अकेले ही सफर करती थी। उससे यह भूल कैसे हो गई उनको नहीं पता। बुधवार सुबह 11 बजे के करीब एक परिचित के पास पुलिस ने आधार कार्ड की फोटो भेजी थी।
बताया था कि महिला की सुबह नौ बजे दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग के साम्हो व भरथना स्टेशन के बीच चलती ट्रेन से कूदने से मौत हुई है। वह पुखरायां के अहरौली की रहने वाली है। उन्होंने कहा बहू को सिर्फ मुंह दिखाई के दौरान देखा था। इसके पहचान नहीं कर पाया। मोहल्ले में लोगों को आधार कार्ड दिखाता रहा। शाम चार बजे के करीब जब घर की महिलाओं को आधार कार्ड की फोटो दिखाई तो पता चला कि उनकी ही बहू की मौत हुई है।
मौके पर पहुंचकर परिजन ने शव की शिनाख्त की। गुरुवार को जब वह लोग पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद थे तभी एक सिपाही बहू का बैग लेकर आया और बोला कि काफी खोजबीन के बाद बैग मिल गया है। बताई गई जानकारी के अनुसार बैग बहू के शव मिलने से तीन किलोमीटर पहले से बरामद किया गया है।
बैग एक एसआई की मौजूदगी में खोला गया तो उसमें बहू का आधार कार्ड रखा मिला। आधार कार्ड बैग में था तो उसकी फोटो पुलिस के पास एक दिन पहले कैसे पहुंच गई। वहीं, बहू के मोबाइल की घंटी गुरुवार दोपहर दो बजे तक बजती रही।
इसके बाद मोबाइल बंद हुआ है। वह लोग घटना स्थल पर तलाश करने गए लेकिन मोबाइल बरामद नहीं हुआ। यदि पुलिस सक्रियता दिखाती तो बहू का मोबाइल बरामद हो जाता। वहीं घटना के बाद से जवान अजय के पिता भगवान सिंह उर्फ हसनू गुमसुम दिखे।
सोशल मीडिया से पता चली थी घटना : अजय ने बताया कि वह नौसेना में मुंबई में तैनात हैं। कुछ दिन पहले उनकी ड्यूटी चेन्नई के तांब्रम एयर फोर्स स्टेशन पर लगाई गई थी। वह चेन्नई में मौजूद थे। बुधवार शाम को घर से फोन आया कि आरती ट्रेन से गिर गई है। उसके सिर व हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। वह अस्पताल में भर्ती है।
उन्होंने घर आने के लिए अधिकारियों से छुट्टी ली। बुधवार रात को जब उन्होंने अपना व्हाट्सएप चेक किया तो पुखरायां के स्थानीय ग्रुप में टीटीई से विवाद के बाद पत्नी के ट्रेन से गिरकर मौत होने को लेकर खबर पड़ी थी। तब उन्हें जानकारी हुई कि उनकी पत्नी अब इस दुनिया में नहीं हैं।
घटना स्थल से कुछ दूर बाद दादरा में रोकी गई थी ट्रेन : अजय के बाबा मुन्नू सिंह ने बताया कि बहू की मौत के बाद ट्रेन के स्टाफ ने घटनास्थल से तीन किलोमीटर आगे ट्रेन रोकर कर छानबीन की थी। इसके बाद ट्रेन गंतव्य की ओर चल दी थी। इसी बीच बहू के ही कोच में मौजूद एक यात्री ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल कर टीटीई से बहू के विवाद होने की शिकायत की थी। इस पर रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन को दादरा स्टेशन पर रोकर कर उससे पूछताछ की थी।
पहले से ही तनाव में थी आरती तभी टीटीई करने लगा बहस : आरती की मौत को लेकर पटना आनंद विहार स्पेशल ट्रेन की बोगी एस-11 में सवार सह यात्री बलिया निवासी राज वैभव से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में हेल्थ केयर में नौकरी करते हैं। बुधवार को वह बलिया से दिल्ली जा रहे थे। वह 20 नंबर सीट पर लेटे थे, इस दौरान कानपुर से एक महिला कोच में सवार हुई थी। वह काफी तनाव में थी। ट्रेन के चलते ही महिला व टीटीई आपस में बहस करने लगे।
मौके पर जाकर देखा तो चार नंबर सीट पर महिला बैठी थी जबकि सात नंबर सीट पर बैठे टीटीई उससे टिकट को लेकर बहस कर रहे थे। महिला दूसरी ट्रेन का टिकट होने की बात कह रही थी। वह अपनी सीट पर वापस आ गए। इसके कुछ देर बाद ही महिला के ट्रेन से गिरने की जानकारी हुई।
उन्होंने महिला के इलाज के लिए 139 पर शिकायत की थी और अधिकारियों से इसका फॉलोअप ले रहे थे। उन्होंने महिला की जान बचाने और मानवीयता के चलते हेल्पलाइन पर फोन किया था। उनका मकसद महिला की जान बचाना था। घटना के डेढ़ घंटे बाद रेलवे अधिकारियों ने महिला की मौत होने की जानकारी दी।
आरती के पिता का आरोप, टीटीई ने ही रख लिया बेटी का फोन : पटना-आनंद बिहार स्पेशल ट्रेन में बुधवार सुबह टीटीई से विवाद के बाद नौसेना जवान की पत्नी की चलती ट्रेन से फेंके जाने से मौत हो गई। इस मामले में मृतका के पिता ने ट्रेन से धक्का देने का टीटीई के खिलाफ हत्या का मुकदमा जीआरपी थाने में दर्ज कराया था। इस मामले की जांच जीआरपी की सर्विलांस व फॉरेंसिक टीम कर रही है। शुक्रवार को टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए हैं। उधर, टीटीई की तलाश में पुलिस दबिशें दे रही है।
शुक्रवार को जीआरपी निरीक्षक दिनेश प्रकाश शर्मा की अगुवाई में एसआई प्रशांत कुमार, फॉरेंसिक टीम समेत भरथना-साम्हो के मध्य गेट नंबर 19 पास स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। यहां फॉरेंसिक टीम ने बारीकी से निरीक्षण कर घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए। मृतका के मोबाइल लोकेशन आखिरी बार गेट संख्या 19 के आसपास मिली थी। इसके बाद से उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। जीआरपी टीम ने उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया है। टीम का दावा है जल्द ही उसको बरामद कर लिया जाएगा।
बता दें कि बृहस्पतिवार को अनिल कुमार सिंह निवासी नौबस्ता, कानपुर ने बताया कि पुत्री आरती बुधवार को अकेले दिल्ली जा रही थीं। आरती गलती से पटना–आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस (04089) में चढ़ गईं जबकि उनका आरक्षण ट्रेन संख्या 02563 नई दिल्ली क्लोन स्पेशल ट्रेन में था।
इसे लेकर S-11 कोच में टीटीई संतोष कुमार ने टिकट चेक करने के दौरान उनकी बहस हुई थी। पिता ने टीटीई पर आरोप लगाया कि टीटीई ने उसकी पुत्री की बैग पहले फेंक दिया। बाद में उसे धक्का दे दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
वहीं, उसका फोन अपने पास रख लिया। जीआरपी सीओ उदय राज सिंह ने बताया कि जीआरपी शुक्रवार को घटनास्थल पर साक्ष्य संकलित करने गई थी। इस मामले की बिंदुवार जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
