नई दिल्ली : एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि 16 भारतीय नागरिकों को म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर गुलाम बना कर रखा गया है और उन्हें यातनाएं दी जा रही हैं। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस मामले में फौरन दखल देने की मांग की है। हैदराबाद के सांसद के मुताबिक इन भारतीयों को जॉब देने के नाम पर थाईलैंड ले जाया गया था, लेकिन वहां से उन्हें म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर ले जाया गया। ओवैसी ने इन बंधकों में से तीन का नाम और ठिकाना भी बताया है।
असदुद्दीन ओवैसी ने 16 भारतीयों को म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर गुलाम बना कर रखे जाने की यह जानकारी एक्स पर दी है और इसी के माध्यम से विदेश मंत्री एस जयशंकर से तत्काल दखल की मांग की है। ओवैसी ने अपने पोस्ट में लिखा है, ‘मुझे एक दुखद स्थिति वाला संदेश मिला है। कम से कम 16 भारतीय नागरिकों को, जिनमें तीन हैदराबाद से हैं, उन्हें थाईलैंड में जॉब दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन म्यांमार-थाईलैंड सीमा ले जाया गया और गुलाम बना लिया गया।’
हैदराबाद के सांसद ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस मामले में जल्द दखल देने की गुजारिश करते हुए लिखा है, ‘कृप्या सभी भारतीयों की रेस्क्यू सुनिश्चित करने के लिए तुरंत दखल दीजिए। यह जानकारी हैदराबाद के उस्मान नगर (हैदराबाद) के एक निवासी मीर सज्जाद अली के माध्यम से मिली है, जिन्हें वर्तमान में म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर बंधक बना कर रखा गया है। उनके साथ दो और लोग मौला अली (हैदराबाद) और बंजारा हिल्स (हैदराबाद) के हैं।’
ओवैसी ने उनकी गुलामी वाली स्थिति को बयां करते हुए बताया है कि ‘उनसे रोजाना 18 से 20 घंटे जबरन काम करवाया जाता है, शारीरिक यातनाएं दी जाती हैं और उन्हें पासपोर्ट, फोन और स्वास्थ्य सुविधाओं से भी दूर कर दिया गया है।’ इस तरह से गुलाम बनाए गए बाकी 13 लोग कौन हैं, इसके बारे में ओवैसी ने कोई जानकारी साझा नहीं की है। उन्होंने यह भी नहीं बताया है कि इन भारतीयों को जॉब का झांसा देकर ले जाने वाले लोग कौन हैं?
