सीतामढ़ी : बिहार के सीतामढ़ी में होली के दिन बोखड़ा थाना क्षेत्र के कुरहर गांव (वार्ड संख्या 13) में सेफ्टी टैंक में दम घुटने से बाप-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की हालत गंभीर है। सभी घायलों का इलाज सीतामढ़ी सदर अस्पताल में चल रहा है। घटना बुधवार की बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, एक निर्माणाधीन घर में बने शौचालय के सेफ्टी टैंक में खेलते समय 12 वर्षीय बच्चा गिर गया। बच्चे को बचाने के लिए सबसे पहले उसके पिता राजीव सहनी टैंक में उतरे। उनके पीछे एक-एक कर कुल सात लोग बच्चे को निकालने के लिए टैंक में कूद पड़े। टैंक की गहराई करीब 12 फीट थी और लंबे समय से बंद पड़े होने के कारण उसमें जहरीली गैसों का जमाव था।
अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद चार लोगों ने दम तोड़ दिया : जैसे ही लोग अंदर पहुंचे, उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी और कुछ ही मिनटों में सभी अचेत होकर गिर पड़े। बाहर खड़े लोगों को जब काफी देर तक कोई हलचल नजर नहीं आई तो उन्होंने शोर मचाया। ग्रामीणों ने टैंक का ऊपरी हिस्सा तोड़कर रस्सी की मदद से सभी सात लोगों को बाहर निकाला। तब तक सभी बेहोश हो चुके थे।
ग्रामीणों ने तुरंत सभी को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से चार लोगों की गंभीर हालत को देखते हुए सीतामढ़ी सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद चार लोगों ने दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान लालू साहनी के 40 वर्षीय पुत्र राजीव सहनी, उनके 30 वर्षीय पुत्र रविंद्र सहनी, रामबाबू सहनी के 26 वर्षीय पुत्र विनय सहनी और राजीव सहनी के 12 वर्षीय पुत्र कृष्ण कुमार के रूप में हुई है।
‘टैंक के अंदर ऑक्सीजन की भारी कमी थी’ : स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, टैंक के अंदर ऑक्सीजन की भारी कमी थी। लंबे समय से बंद पड़े सेफ्टी टैंक में हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन जैसी जहरीली गैसों का जमाव हो गया था, जिससे दम घुटने की स्थिति बनी।
पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसा टैंक में मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण प्रतीत होता है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। चारों शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है।
