नई दिल्ली : इंडिगो एयरलाइंस के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी CEO पीटर एल्बर्स ने इस्तीफा दे दिया है. कुछ महीने पहले ही इंडिगो संकट के बाद उन्होंने यह कदम उठया है. उनको तत्काल प्रभाव से 10 मार्च 2026 को जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है. एल्बर्स ने बोर्ड को लिखे एक लेटर में कहा, ‘हमारी बातचीत के मुताबिक, पर्सनल कारणों से मैं आज से इंडिगो के CEO के पद से अपना इस्तीफा दे रहा हूं. मेरी रिक्वेस्ट है कि नोटिस पीरियड माफ कर दिया जाए.’
इंडिगो के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया तब तक मैनेजमेंट का काम संभालेंगे जब तक कंपनी नए लीडर के आने की घोषणा नहीं कर देती, जिसके जल्द ही आने की उम्मीद है. बोर्ड के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा, ‘राहुल कंपनी के कल्चर, ऑपरेशनल एक्सीलेंस को मजबूत करने और अपने कस्टमर्स की देखभाल के लिए एयरलाइन के मामलों का मैनेजमेंट संभालने के लिए वापस आ रहे हैं.’
ड्यूटी समय के नए नियमों को लागू करने में कोताही, खराब रोस्टर प्लानिंग और पायलटों की कमी की वजह से यह संकट और भी गहरा हो गया. इसके बाद कंपनी को सरकार के गुस्से का सामना करना पड़ा था और इंडिगो के ऑपरेशंस में 10 प्रतिशत की कटौती की गई थी.
पीटर एल्बर्स के जाने के पीछे इसी को एक बड़ी वजह माना जा रहा है.सरकार ने कंपनी को 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिफंड प्रोसेस करने का आदेश दिया था और उस पर 22 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया. इसके बाद, इंडिगो का Q3 FY26 नेट प्रॉफिट 77 परसेंट कम हो गया.
कंपनी के फाउंडर राहुल भाटिया ने कहा, ‘IndiGo को 22 साल पहले शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के बाद, मुझे अपने देश और एयरलाइन के कस्टमर्स, एम्प्लॉइज, शेयरहोल्डर्स और दूसरे सभी स्टेकहोल्डर्स के प्रति पर्सनल कमिटमेंट और जिम्मेदारी का गहरा एहसास होता है.अपने ऑपरेशन्स में कल्चर, सर्विस एक्सीलेंस और स्टेकहोल्डर ट्रस्ट को सबसे आगे रखते हुए, IndiGo एक ऐसी एयरलाइन के साथ भारत और उसके लोगों की सेवा करने पर अपना स्ट्रेटेजिक फोकस और तेज करना जारी रखेगी जो प्रोफेशनली मैनेज्ड, ऑपरेशनली भरोसेमंद और दुनिया भर में सम्मानित हो.’
